Rohini Acharya: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने रविवार को आरोप लगाया कि भाई तेजस्वी यादव के कुछ सहयोगी उनके बारे में कह रहे हैं कि ‘‘मैंने अपने पिता को गंदी किडनी’’ दी और इसके बदले करोड़ों रुपये व पार्टी का टिकट लिया।
तेज प्रताप का फूटा संजय यादव पर गुस्सा।(फोटो सोर्स: rohini acharya/PTI)
आचार्य ने ‘‘राजनीति छोड़ने और अपने परिवार से नाता तोड़ने’’ की घोषणा के एक दिन बाद ‘एक्स’ पर पोस्ट कर अपनी भड़ास निकाली और आरोप लगाया कि तेजस्वी, राज्यसभा सदस्य संजय यादव और रमीज ने ‘‘घर से निकालवा दिया’’।
बहन रोहिणी के बयान सामने आने के बाद उनके भाई तेज प्रताप यादव का गुस्सा फूट पड़ी है। तेज प्रताप ने अपने पार्टी के इंस्टाग्राम हैंडल (janshaktijantadal) पर लिखा, 'कल की घटना ने दिल को भीतर तक झकझोर दिया है। मेरे साथ जो हुआ, वह मैं सह गया, लेकिन मेरी बहन के साथ जो अपमान हुआ, वह किसी भी हाल में असहनीय है।'
उन्होंने आगे बिना नाम लिए तेजस्वी यादव के सलाहकार माने जाने वाले चेहरों (संजय यादव, रमीज) पर हमला बोलते हुए लिखा, 'सुन लो जयचंदों, परिवार पर वार करोगे तो बिहार की जनता तुम्हें कभी माफ नहीं करेगी।'
तेज प्रताप ने रोहिणी आचार्य के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन पर चप्पल उठया गया। तेज प्रताप ने आगे लिखा, 'जबसे मेरी रोहिणी बहन के चप्पल उठाने की खबर सुनी, दिल की आहत अब अग्नि बन चुकी है. जब जनमानस की भावनाएं आहत होती हैं तो बुद्धि पर पड़ी धूल उड़ जाती है, इन चंद चेहरों ने तेजस्वी की भी बुद्धि पर पर्दा डाल दिया है।'
उन्होंने चेतावनी देते हुए आगे लिखा, 'इस अन्याय का परिणाम बेहद भयानक होगा, समय का लेखा-जोखा बड़ा कठोर है, तेज प्रताप ने अपने पिता और आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए लिखा, 'पिता जी, एक संकेत दीजिए। आपका केवल एक इशारा, और बिहार की जनता इन जयचंदों को जमीन में गाड़ देने का काम खुद कर देगी।' उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी दल की नहीं, बल्कि परिवार के सम्मान, बेटी की गरिमा और बिहार के स्वाभिमान की लड़ाई है।
कौन हैं जयचंद?
शनविार शाम से रोहिणी आचार्य अपने परिवार सदस्य और दो व्यक्ति संजय यादव और रमीज खान पर कई सनसनीखेज आरोप लगा चुकी हैं। यह दोनों तेजस्वी के सलाहकार और भरोसेमंद माने जाते हैं। राजनीतिक गलियारों में यह अक्सर चर्चा होती है कि संजय यादव की वजह से ही तेजस्वी और तेज प्रताप में दूरियां बढ़ी है। तेज प्रताप यादव अक्सर संजय यादव को 'जयचंद' कहकर बुलाते हैं।
'किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी- बहन पैदा ना हो'
रोहिणी ने सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए लिखा, कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए मां, बाप बहनों को छोड़ आई, मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया..मुझे अनाथ बना दिया गया …' 'आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें,किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी- बहन पैदा ना हो।'
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, रोहिणी ने कहा कि जब उन्होंने राजद के प्रदर्शन पर नेतृत्व से सवाल किया तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, 'मेरा कोई परिवार नहीं है। आप संजय यादव, रमीज और तेजस्वी यादव से जाकर पूछ सकते हैं। उन्हीं लोगों ने मुझे परिवार से निकाल दिया।'
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इस टकराव के दौरान उन्हें 'घर से निकाल दिया गया, अपमानित किया गया, गालियां दीं गईं और यहां तक कि मारा भी गया।' उनके दावों ने परिवार के भीतर राजनीतिक भूचाल को ऐसे समय में और तेज कर दिया है जब पार्टी को अपने सबसे निराशाजनक नतीजों में से एक का सामना करना पड़ा है। RJD को 140 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद सिर्फ 25 सीटें पर ही जीत मिली।
