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ऑपरेशन कालनेमि: राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर फूटा लोगों का गुस्सा, कहा- परत-दर-परत खुलेगा घोटाला

Operation Kalnemi: राम मंदिर चंदा चोरी मामले ने अयोध्या से लेकर दिल्ली और भोपाल तक पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। श्रद्धालुओं और साधु-संतों में गहरा रोष देखने को मिल रहा है। साथ ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

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राम मंदिर चंदा चोरी मामला (फोटो साभार: AI)

Operation Kalnemi: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में टाइम्स नाउ नवभारत के स्टिंग में कई बड़े खुलासे हुए हैं, जिसके बाद चौतरफा इसकी चर्चा हो रही है। इस बीच, टाइम्स नाउ नवभारत के संवाददाताओं ने अयोध्या, भोपाल, दिल्ली सहित कई शहरों में रामभक्तों से बात की और जमीनी हकीकत को खंगाला। लोगों का मानना है कि चंदा चोरी हिंदू जनमानस की आस्था पर सबसे बड़ा आघात है।

लंबे समय से चल रहा था खेल

स्टिंग में कैमरे पर मंदिर के पुजारी संतोष तिवारी ने कई चौंका देने वाले खुलासे किए हैं। सबसे बड़ा खुलासा यह है कि चंदा चोरी का यह खेल लंबे समय से चल रहा था और ट्रस्ट के तमाम सदस्यों को इसके बारे में जानकारी थी, जिसे वह जानते हुए भी छिपा रहे थे।

'जिम्मेदार लोगों को भेजा जाए जेल'

अयोध्या के लोगों ने मांग की है कि ट्रस्ट के मुखिया चंपत राय और अन्य जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। एक स्थानीय नागरिक ने कहा, ''चंदा चोरी से हिंदू जनमानस की आस्था को बहुत बड़ी ठेस पहुंची है और अभी तक मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं।''

दंत धवन कुंड के लोगों का कहना है कि आप लोगों को बहुत-बहुत साधुवाद। निर्भीक होकर आपने भ्रष्टाचार और चंदा चोरी को समस्त हिंदू जनमानस के सामने लाने का काम किया है... ऐसा भ्रष्टाचार हुआ है, जिसके बारे में कभी सनातनियों ने सोचा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जैसे-जैसे परतें खुलेंगी, यह एक बहुत बड़ा घोटाला निकलेगा, क्योंकि पर्दे के पीछे कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं।

'अयोध्या की मर्यादा दांव पर लगी'

मौके पर मौजूद आचार्य धर्म विवेक दास ने टाइम्स नाउ की तुलना हनुमान जी से की, जिन्होंने रामायण काल में 'कालनेमि' का पर्दाफाश किया था। उनके अनुसार, प्रभु राम और राम जन्मभूमि की मर्यादा दांव पर लगी है।

उन्होंने कहा कि 'कालनेमि' इसी ट्रस्ट के अंदर मौजूद हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से चंपत राय, गोविंद देव गिरी और अनिल मिश्रा का नाम लिया। विशेष रूप से गोपाल राव पर सवाल उठाया गया कि ट्रस्ट डीड में नाम न होने के बावजूद वे किस अधिकार से अयोध्या और मंदिर के कार्यों में 'मालिक' बनकर दखल दे रहे हैं।

कहां सुरक्षित है हमारा धर्म?

ऐसी ही प्रतिक्रिया दिल्ली और भोपाल की जनता से भी प्राप्त हुआ। भोपाल के लोगों का कहना है कि यह हमारी भावना और आस्था का विषय है। हमारे पूर्वजों ने इसके लिए सर्वस्व लगाया और हमने संघर्षों के बाद मंदिर बनते देखा। लापरवाही बहुत बड़ी रही है, पहले एक्शन होता तो इतनी बड़ी चोरी नहीं होती। वहीं, दिल्ली के एक शख्स ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि हिंदुओं के धर्म के साथ खिलवाड़ हो रहा है। राम मंदिर जैसी जगह पर भी अगर चोरी हो रही है तो हमारा धर्म कहां सुरक्षित है? इतने अरमानों और आस्था से बने मंदिर के दानपात्र की चोरी होना दुखद है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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