Ram Mandir Donation Chargesheet: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के चर्चित मामले में पुलिस ने अपनी तफ्तीश पूरी करते हुए अदालत में 70,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस ने निर्धारित 90 दिनों की समयसीमा के भीतर इस आरोप पत्र को पेश किया है। इस मामले में सबसे बड़ी राहत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिली है, जिसके पदाधिकारियों को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण पूर्णतः क्लीन चिट दे दी गई है।
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में चार्जशीट दाखिल (फाइल फोटो- PTI)
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ट्रस्ट के पदाधिकारी बने सरकारी गवाह
पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों में से किसी को भी आरोपी नहीं बनाया गया है। इसके विपरीत, ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों-चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव-को इस मामले में सरकारी गवाह बनाया गया है। इसके अलावा, मामले की जांच के दौरान बैंक की भूमिका पर भी कोई प्रतिकूल साक्ष्य न मिलने पर उसे भी क्लीन चिट दी गई है।
3,300 टेक्स्ट मैसेज से रची गई थी साजिश
जांच रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे की रकम पार करने के लिए आरोपियों ने बाकायदा एक संगठित साजिश रची थी। पुलिस विवेचना में खुलासा हुआ है कि इस पूरी चोरी को अंजाम देने के लिए आरोपियों के बीच लगभग 3,300 टेक्स्ट मैसेज का आदान-प्रदान हुआ था। इसके अलावा, मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने 5 से अधिक बैंक खातों के लेन-देन के रिकॉर्ड को खंगाला और खंगाले गए साक्ष्यों को चार्जशीट का हिस्सा बनाया।
गिरफ्तार 8 आरोपियों पर तय हुए आरोप
पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया है। इन पर आपराधिक न्यासभंग, चोरी, चुराई गई संपत्ति को पास रखने, आपराधिक साजिश और सामूहिक जिम्मेदारी से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराएं- जैसे 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5)-लगाई गई हैं।
चार्जशीट में नामजद 8 आरोपियों की भूमिका और उनसे हुई बरामदगी का ब्योरा इस प्रकार है:
- अनुकल्प मिश्रा: इस पूरी चोरी का मास्टरमाइंड बताया गया है। पुलिस ने इसके घर से 16.82 लाख रुपये की नकदी बरामद की है।
- अविनाश गुप्ता: चोरी में मुख्य भूमिका रही; इसके घर से 20.39 लाख रुपये नकद और 1,121 अमेरिकी डॉलर बरामद किए गए।
- लवकुश मिश्रा: चढ़ावे की रकम निकालने में संलिप्तता पाई गई; घर से लगभग 14.25 लाख रुपये बरामद हुए।
- रमाशंकर मिश्रा: इसके पास से 7.32 लाख रुपये नकद, बाड़ी का डिब्बा और दो चांदी के सिक्के बरामद किए गए।
- रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू: बिना किसी आधिकारिक आदेश के दानपात्रों की चाबियां अपने पास रखने और श्रद्धालुओं से दर्शन पास के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप है।
- मनीष यादव: दानपात्रों से निकली नकदी की गिनती के दौरान हेराफेरी करने का आरोपी।
- कृष्णेश पांडेय: नकदी की हेराफेरी और उसे छिपाने के खेल में शामिल रहा।
- सुभाष श्रीवास्तव: गिनती के समय योजनाबद्ध तरीके से रकम निकालने और ठिकाने लगाने में भूमिका पाई गई।
चार्जशीट पेश होने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की न्यायिक सुनवाई अदालत में शुरू होगी, जहां इन आरोपियों के खिलाफ कड़े सबूतों के आधार पर मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाएगी।
