कई दिनों की राहत के बाद अब हिमाचल में आने वाले चार दिन तक मानसून फिर सक्रिय होगा, इस दौरान हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में बारिश ( Rain in Himachal) होने की संभावना है, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने सिरमौर, सोलन, बिलासपुर, शिमला, ऊना कांगड़ा और चंबा में हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई है।
हिमाचल प्रदेश में मॉनसून फिर सक्रिय होने जा रहा है
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया कि आने वाले चार दिनों में कई जिलों में बारिश की संभावना है, हालांकि इनमें कई इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है, उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में सितंबर महीने के अंत तक मानसून की रुखसती भी लगभग तय है।
तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग
वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को कहा कि पार्टी की हिमाचल प्रदेश इकाई की अध्यक्ष और मंडी से लोकसभा सदस्य प्रतिभा सिंह राज्य में भारी बारिश एवं भूस्खलन के कारण हुई तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग संसद के विशेष सत्र में उठाएंगी।उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बारे में पता नहीं है कि इस विषय को सत्र के दौरान मांग उठाने की अनुमति दी जाएगी या नहीं।
'राष्ट्रीय आपदा घोषित करने से राज्य में बहाली कार्यों में होगी आसानी'
गत 14 अगस्त को शिव मंदिर के आसपास हुए भूस्खलन में 20 लोगों की मौत हो गई थी।शिमला शहर में भूस्खलन की तीन घटनाओं में 27 लोगों की जान चली गई थी। फागली और कृष्णानगर में भूस्खलन से क्रमश: पांच और दो लोगों की मौत हुई थी, कांग्रेस महासचिव ने कहा कि भारी बारिश के बाद हुई तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने से राज्य में बहाली कार्यों में आसानी होगी।
