देश

राहुल गांधी या एनी राजा? दौलत के मामले में कौन-कितना आगे, वायनाड सीट पर होगी टक्कर

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 4, 2024, 11:19 AM IST

Rahul Gandhi Vs Annie Raja Net Worth: 2019 के मुकाबले 2024 का लोकसभा चुनाव इतना आसान नहीं होने नहीं जा रहा है और राहुल गांधी को यहां कड़ी टक्कर मिलने वाली है। दरअसल, इस सीट पर राहुल गांधी के सामने एनी राजा के रूप में एक दमदार प्रत्याशी होंगी। दोनों ने कल अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।

Image

राहुल गांधी-एनी राजा में कौन-कितना अमीर

Photo : Twitter

Rahul Gandhi Vs Annie Raja Net Worth: केरल का वायनाड लोकसभा क्षेत्र उन हाईप्रोफाइल सीटों में शुमार है, जिस पर हर किसी की नजर है। यहां से राहुल गांधी एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं। हालांकि, 2019 के मुकाबले 2024 का चुनाव इतना आसान नहीं होने नहीं जा रहा है और राहुल गांधी को यहां कड़ी टक्कर मिलने वाली है। दरअसल, इस सीट पर राहुल गांधी के सामने एनी राजा के रूप में एक दमदार प्रत्याशी होंगी। एनी राजा सीपीआई की नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वुमेन की महासचिव और पार्टी के महासचिव डी राजा की पत्नी हैं।

बुधवार को राहुल गांधी के साथ एनी राजा ने भी लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। दोनों ने नामांकन दाखिल करने के लिए रोड-शो भी किया, जिसमें भारी भीड़ देखी गई। आइए चुनावी मुकाबले से पहले जानते हैं राहुल गांधी और एनी राजा की नेटवर्थ कितनी है? दौलत के मामले में कौन कितना आगे है।

राहुल गांधी की संपत्ति

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी की ओर से दाखिल किए गए हलफनामे में बताया गया है कि उनके बैंक खाते में 26.25 लाख रुपये हैं। इसके अलावा उन्होंने शेयर बाजा में 4.3 करोड़ रुपये और 3.81 करोड़ रुपये म्यूचुअल फंड में निवेश किए हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान राहुल गांधी के पास 55,000 रुपये नकद और कुल आय 1,02,78,680 रुपये रही। हलफनामे के अनुसार कांग्रेस नेता के पास चल संपत्ति का कुल मूल्य पांच वर्षों में 59 प्रतिशत बढ़ गया है। उनके पास 15.2 लाख रुपये के सोने की बांड, राष्ट्रीय बचत योजना, डाक बचत, बीमा पॉलिसियों में 61.52 लाख का निवेश किया है। इसके अलावा उन पर लगभग 49.7 लाख रुपये की देनदारी भी है। इसके अलावा राहुल गांधी ने दिल्ली के महरौली में प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ संयुक्त रूप से स्वामित्व वाली कृषि भूमि की भी जानकारी दी है, साथ ही गुरुग्राम में 11 करोड़ की कीमत वाला ऑफिस स्पेस की भी घोषणा की है।

एनी राजा के पास कितनी दौलत

न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, सीपीआई की नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वुमेन की महासचिव और पार्टी के महासचिव डी राजा की पत्नी एनी राजा के पास केवल 72 लाख रुपये की कुल संपत्ति है। एनी राजा ने अपने हलफनामे में बताया है कि उनके पास केवल 10,000 रुपये नकद, 62,000 रुपये की बैंक जमा राशि, 25,000 रुपये के आभूषण और 71 लाख रुपये की पैतृक संपत्ति है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!