लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए युवा प्रदर्शनकारियों से मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने बताया कि इन युवाओं के साथ उनकी काफी खुलकर और विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपने साथ हुई बदसलूकी, लाठीचार्ज और धमकियों की पूरी आपबीती साझा की।
राहुल गांधी ने उठाई युवाओं की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि वे उन हजारों युवाओं पर गर्व महसूस करते हैं, जिन्होंने अपनी परवाह न करते हुए संविधान, देश के भविष्य और एक बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए अपनी आवाज उठाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की मौजूदा शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से विफल और चरमरा चुकी है। इसमें सुधार की मांग करना, पेपर लीक को रोकने की बात कहना या एक बेहतर पारदर्शी व्यवस्था मांगना कोई अपराध या हिंसा नहीं है।
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15 साल की बच्ची से जबरन मंगाई गई माफी-राहुल गांधी
युवाओं के साथ हुए दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन उनके घरों पर दबाव बनाया गया, उन्हें डराया गया और यहां तक कि एक 15 साल की बच्ची से जबरन माफी मंगवाकर उसे स्वीकार करने जैसा नाटक रचा गया। उन्होंने इस पूरे रवैये को पूरी तरह से गलत और अस्वीकार्य बताया।
देश के युवाओं का ना हो उत्पीड़न-कांग्रेस सांसद
राहुल गांधी ने आगे कहा कि इन प्रदर्शनकारी युवाओं की सबसे खूबसूरत बात यह है कि वे केवल अपने स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समाज में किसी भी व्यक्ति के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ खड़े होने का जज्बा रखते हैं। यही भावना भारत के संविधान की मूल आत्मा है और यही सच्चा राष्ट्रवाद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के युवाओं को उत्पीड़न नहीं, बल्कि एक ऐसा सुरक्षित भविष्य और पारदर्शी शिक्षा प्रणाली चाहिए, जो उनके सपनों का सम्मान कर सके।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन में शामिल युवाओं से मुलाकात के बाद केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो युवा आज मीडिया के सामने खड़े हैं, उन्होंने साहस का परिचय दिया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह में उनके सामने आकर जवाब देने की हिम्मत नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि इन युवाओं का यहां आकर अपनी बात रखना आसान नहीं है। वे लगातार उत्पीड़न, हिंसा और प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं।
अमित शाह सीधे जिम्मेदार-कांग्रेस नेता
इसके बावजूद उन्होंने जिस बेबाकी और गरिमा के साथ अपनी बात रखी है, वह सराहनीय है। राहुल ने कहा कि देश को ऐसे ही साहसी और जागरूक युवाओं की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे हजारों युवा देशभर में हैं और उन्हें उन पर गर्व है। छात्रों पर हुई कथित हिंसा को लेकर राहुल गांधी ने सीधे गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जिस युवती पर पेलेट गन चलाई गई और जिस तरह छात्रों पर हिंसा हुई, उसके लिए गृह मंत्री जिम्मेदार हैं। राहुल ने आरोप लगाया कि अमित शाह में संसद में आकर इस मामले पर बोलने की शालीनता और साहस तक नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल दो संभावनाएं हो सकती हैं। पहली, यदि गृह मंत्री को इस कार्रवाई की जानकारी नहीं थी, तो यह उनकी अक्षमता को दर्शाता है। दूसरी, यदि यह कार्रवाई उनके निर्देश पर हुई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भी उन्हीं की बनती है। राहुल गांधी ने कहा कि दोनों ही परिस्थितियों में छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा के लिए अमित शाह जवाबदेह हैं।
