भारत दौरे के लिए पुतिन अपने आधिकारिक विमान इल्यूशिन इल-96-300पीयू (Ilyushin Il-96-300PU) का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे अक्सर ‘फ्लाइंग क्रेमलिन’ भी कहा जाता है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति के ‘एयर फोर्स वन’ के समान है।
पुतिन जिस विमान का इस्तेमाल करते हैं वो संस्करण Il-96-300PU है, जिसमें PU का अर्थ है Punkt Upravleniya, या ‘कमांड पोस्ट’ है। इसे वीआईपी उपयोग, राष्ट्रीय सुरक्षा और उड़ान के दौरान कमांड क्षमताओं के लिए बड़े पैमाने पर संशोधित किया गया है।
यह विमान किसी भी समय, दुनिया के किसी भी कोने से रूस के परमाणु शस्त्रागार सहित, कोडित और सुरक्षित संचार की इजाजत देता है। यह इसे रूसी ‘न्यूक्लियर फुटबॉल’ के बराबर एक कमांड पोस्ट बनाता है। इसके अलावा विमान को में डिफेंस जैमर सिस्टम भी लैस है, जो दुश्मन के रडार और संचार को बाधित करता है।
विमान में लग्जरी सुविधाएं, एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम और एंटी-मिसाइल डिफेंस सहित काम्प्रहेंसिव सिक्योरिटी सिस्टम लैस है ताकि यह हवा में एक मोबाइल कमांड सेंटर के रूप में काम कर सके।
विमान अंदर से किसी शाही महल या उच्च-स्तरीय कार्यकारी कार्यालय जैसा दिखता है। यह राष्ट्रपति की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है। इसमें एक भव्य, पूरी तरह से सुसज्जित कार्यालय है जहां से राष्ट्रपति अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मामलों का प्रबंधन कर सकते हैं। इसके अलावा विमान में बड़ा मीटिंग रूम है, मास्टर बेडरूम, एक जिम और एक उच्च-स्तरीय चिकित्सा इकाई शामिल है।
IL-96-300PU को इस तरह बनाया गया है कि यह आधुनिक सुरक्षा और रक्षा प्रणालियों से लैस है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस विमान के सामने मिसाइलें भी फेल हो सकती हैं। रूस के लिए यह सिर्फ एक VIP विमान नहीं, बल्कि रणनीतिक महत्व वाला विमान है।
यह विमान अपनी लंबी दूरी की क्षमता के लिए जाना जाता है। इसने अटलांटिक और प्रशांत महासागरों के पार, नॉन-स्टॉप उड़ानें भरी हैं जिससे यह दर्शाता है कि रूस का राष्ट्रपति दुनिया के किसी भी हिस्से में अपनी शक्ति को प्रोजेक्ट कर सकता है।