Reactions on Operation Black Dollar : 'ऑपरेशन ब्लैक डॉलर' में टाइम्स नाउ नवभारत चैनल ने दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) के विदेशी फंडिंग लेने में किए गए बड़े घोटाले का खुलासा किया है, इसमें दिखाया गया है कि कैसे केजरीवाल की पार्टी ने विदेशों से फंडिंग लेने में नियमों की धज्जियां उड़ा दी, इस मामले पर प्रतिक्रियायें भी सामने आ रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों की प्रतिक्रिया Operation Black Dollar पर सामने आई है
इस मामले पर बीजेपी आम आदमी पार्टी पर हमलावर है, बीजेपी प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा- 'इतनी जल्दी तो गिरगिट भी रंग नहीं बदलता, जितनी जल्दी आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी के लोग बदल गए', शलभ मणि ने ये भी कहा- 'अरविंद केजरीवाल को ये लगता था कि ये चोरी पकड़ी नहीं जाएगी'
वहीं एक राजनीतिक विश्लेषक रमणीक सिंह मान ने कहा- 'ये ना सिर्फ ब्लैक डॉलर है.. ये ब्लैक मनी भी है और ब्लड मनी और ब्लड डॉलर भी है'
चंदे के एवज में आम आदमी पार्टी ने विदेशियों को क्या वादा किया था ?
गौर हो कि एफसीआरए कानून जिसके तहत फॉरेन फंडिंग ली जाती है उसके नियम बिल्कुल स्पष्ट हैं कि कोई पॉलिटिकल पार्टी किसी विदेशी से फंडिंग नहीं ले सकती। लेकिन आम आदमी पार्टी ने इस नियम की धज्जियां उड़ाते हुए कनाडा के 19 नागरिकों से 51 लाख 15 हजार 44 रूपये का चंदा लिया। यहां सवाल ये है कि कोई विदेशी नागरिक भारत की किसी पार्टी को क्यों चंदा देगा ? इसके पीछे उसका क्या मकसद हो सकता है ? चंदे के एवज में आम आदमी पार्टी ने विदेशियों को क्या वादा किया था ?
सुखपाल सिंह खैरा से जो तब आम आदमी पार्टी के विधायक थे और अब कांग्रेस में हैं पाकिस्तान से हेरोइन की तस्करी के मामले में खैरा जांच के घेरे में हैं और इसी सिलसिले में उनके ठिकानों की तलाशी ली गई तलाशी में कुछ ऐसे दस्तावेज मिले जिसमें फॉरेन फंडिंग की डिटेल्स थी, पूछताछ की तो पता चला कि ये फॉरेन फंडिंग आम आदमी पार्टी (AAP) को की गई है।
एक ही पासपोर्ट नंबर पर 19-19 डोनर्स दिखा दिए गए हैं
गौर हो कि पासपोर्ट किसी आदमी की पहचान का सबसे पुख्ता डॉक्यूमेंट माना जाता है....लेकिन आम आदमी पार्टी के डोनर्स की एक बड़ी संख्या है जिनके पासपोर्ट नंबर गलत दिखाए गए हैं...एक ही पासपोर्ट नंबर पर 19-19 डोनर्स दिखा दिए गए हैं, आम आदमी पार्टी की फारेन फंडिंग में ऐसे एक नहीं सैंकड़ों फर्जीवाड़े हैं। सिर्फ पासपोर्ट नंबर ही नहीं बल्कि मोबाइल नंबर में भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा किया गया है....एक एक मोबाइल नंबर पर 8-8 लोगों के नाम दर्ज हैं जिनसे चंदा लिया गया है।
