PM Modi Exclusive Interview: टाइम्स नाउ नवभारत से एक्सक्लूसिव बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएए, यूसीसी और वन नेशन-वन इलेक्शन पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस कानून में कोई गलती नहीं है। टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर इन चीफ नाविका कुमार और टाइम्स नाउ नवभारत के कंसल्टिंग एडिटर सुशांत सिन्हा से खास बातचीत में पीएम मोदी ने कांग्रेस को इनहेरिटेंस टैक्स सहित देश के संसाधनों पर पहला हक मुस्लिमों को देने के मुद्दे पर भी घेरा। क्या-क्या कहा पीएम मोदी ने पढ़ें।
पीएम मोदी ने क्या-क्या कहा
हम सीएए का कानून लाए। इसमें साफ-साफ लिखा हुआ है, साफ-साफ कहा गया है। न बोलने में किसी ने गलती की है, न लिखने में गलती की है, न देश के कानून में कोई गलती है। सीधा-सीधा वो कानून सिटिजनशिप देने के लिए है। उसमें कहीं पर भी सिटिजनशिप लेने का जिक्र नहीं है। दो साल हो गए, कांग्रेस पार्टी जो झूठ फैला रही है, क्या कभी आपने उसका फैक्ट चेक किया? क्या कभी पाठशाला में उनके कपड़े उतारे? क्योंकि झूठ इतना चला। आप उनके एक-एक स्टेटमेंट देख लीजिए। अब जैसे ये इनहेरिटेंस टैक्स की बात लेकर आए हैं, कोई मुझे बताइए, दुनिया के किसी भी विकसित देश में इस प्रकार का प्रयोग हुआ है क्या? आप साम्यवादी विचारधारा की बात छोड़ दीजिए, इनके घोषणापत्र में और उनके भाषणों में जो बातें हैं, आपको एक साथ मिलाकर एक कैनवास पर रखनी पड़ेगी। ये लगातार बोल रहे हैं और सब बोल रहे हैं।
मनमोहन सिंह जी कहा था, संसाधनों पर मुस्लिमों का हक
उनके घोषणापत्र में जो लिखा है और पहले जो डॉक्टर मनमोहन सिंह जी ने बोला है। मनमोहन सिंह जी ने दो बार पब्लिकली कहा है कि इस पर पहला हक मुसलमानों का है। और जब फिर आप सर्वे करने की बात करते हैं, फिर कहते हैं कि हम सब ले लेंगे और बांट देंगे। जब आप ले लेंगे और बांट देंगे की बात करेंगे तो फिर वो किसको देंगे? तो जो मनमोहन सिंह ने कहा था उनको देंगे। तो साफ-साफ जो बातें होती हैं कि ये अलग अलग डॉट्स को बिठाते हैं। तो रत्तीभर भी मेरी बात में सवाल करने की जगह नहीं है। उनकी भाषा, उनके शब्द, उनका लिखित निर्णय, 90 के बाद उनके अब तक किए गए सारे प्रयास, सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के बाद किए गए निर्णय, सबको अगर एक कैनवास पर देखेंगे तो उनके इरादे साफ हैं। ये उनका हिडन एजेंडा है ऐसा मैं नहीं मानता हूं, सिर्फ बोलते समय वो हिडन रखते हैं। इस बार मैंने उनको खुलकर बेनकाब किया है इसलिए वो बौखला गए हैं। वरना जब उनका वोट पाने के लिए जाना हो, तो वो यही भाषा बोलते हैं। दूसरे वोट लेने जाते हैं, तो न्यूट्रल होकर बोलते हैं।

पीएम मोदी ने सीएए कानून पर क्या-क्या कहा
राम मंदिर मुद्दा ही उछालती थी मीडिया
पीएम मोदी ने कहा, हम सालों तक राम मंदिर की बात करते थे। अगर हमारा इलेक्शन मेनिफेस्टो 10 पेज का होता था तो आखिरी लाइन में राम मंदिर, 370, कॉमन सिविल कोड लिखते थे। लेकिन दूसरे दिन अखबारों की हेडलाइन राम मंदिर ही होती थी। दिन की टीवी डिबेट राम मंदिर ही होती थी और फिर चर्चा में ये होता था कि तारीख नहीं बताएंगे। हमारे मेनिफेस्टो की धज्जियां उड़ा देते थे आप। हम गरीबों के लिए योजनाएं लेकर जाते थे। एक शब्द इस देश की मीडिया में कभी चर्चा में नहीं आया, चर्चा में सिर्फ ये तीन चीजें रखी गयी। आज कांग्रेस के बचाव में मीडिया को क्यों काम करने की जरूरत है, कोई कारण नहीं है। यह मीडिया का काम था कि उनके मेनिफेस्टो का एनालिसिस किया जाए। उनके इरादों का, उनकी भाषाओं का, उनकी बातों का एनालिसिस किया जाए।
