प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ तीसरी उच्च स्तरीय बैठक की। इस अहम बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा, विदेश नीति और सुशासन जैसे विभागों के भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। पीएम मोदी ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल तात्कालिक आंकड़ों और समस्याओं तक सीमित न रहें, बल्कि देश के दीर्घकालिक भविष्य को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार करें।
पीएम मोदी की सचिवों के साथ हाई-लेवल बैठक
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने विभागों के बीच आपसी तालमेल की कमी को खत्म करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि यह न केवल एक सांगठनिक समस्या है, बल्कि सोच का भी विषय है। कोविड-19 महामारी और पश्चिम एशिया संकट का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि संकट के समय सभी विभागों ने जिस तरह एकजुट होकर काम किया था, वही कार्यशैली अब सामान्य दिनों में भी सरकार की आदत बननी चाहिए।
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डेटा देश की भविष्य की संपत्ति-प्रधानमंत्री
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल के साथ-साथ मानवीय सोच और निर्णय क्षमता का संतुलन बहुत जरूरी है। उन्होंने डेटा को देश की भविष्य की संपत्ति बताया और कहा कि अलग-अलग विभागों में डेटा संग्रह के तरीके अलग होने के कारण इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता, इसलिए डेटा प्रणाली में बेहतर तालमेल और एकरूपता की जरूरत है।
पोर्ट-लेड डेवलपमेंट की तरफ बढ़ाना होगा कदम
इसके अलावा, पीएम मोदी ने रक्षा क्षेत्र में नवाचार, युवाओं और विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी, और भारत के समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को अब केवल 'पोर्ट डेवलपमेंट' तक सीमित न रहकर 'पोर्ट-लेड डेवलपमेंट' की ओर तेजी से बढ़ना होगा। बैठक में कैबिनेट सचिव और विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
