प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स (council of ministers meet) की अहम बैठक करीब साढ़े चार घंटे तक चली। बैठक में सरकार के कामकाज, विकास योजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, आज हुई बैठक का मुख्य विषय विभिन्न विभागों में सुधार लाना था। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने करीब 30 मिनट तक संबोधन किया।
प्रधानमंत्री मोदी (फाइल फोटो)
प्रधानमंत्री ने शासन व्यवस्था में व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर जोर देते हुए सभी विभागों से 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बेहतर बनाने की दिशा में काम करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों और योजनाओं का लाभ आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।
'अब समय आगे देखने का है, पीछे मुड़कर यह देखने का नहीं'
PM Modi ने कहा कि अब समय आगे देखने का है, पीछे मुड़कर यह देखने का नहीं कि अतीत में क्या काम किए गए हैं।हमारी सरकार 2014 से सत्ता में है, लेकिन अब 2026 है, इसलिए हमें यह देखना होगा कि भविष्य में हम क्या कर सकते हैं।अनावश्यक विवादों में न उलझें और अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें। कोई भी काम लंबित नहीं रहना चाहिए।
तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने के संदर्भ में भी चर्चा
बैठक में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने और तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने के संदर्भ में भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि सरकार की उपलब्धियों और सुधारों को जनता तक पहुंचाने के लिए सक्रिय रूप से काम किया जाए।
तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने के संदर्भ में भी चर्चा
बैठक में पेट्रोलियम, कॉर्पोरेट मामलों, वाणिज्य, पर्यावरण और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) सहित कई विभागों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।विदेश मंत्री एस जयशंकर ने प्रधानमंत्री के हालिया पांच देशों के दौरे के महत्व और उससे जुड़े कूटनीतिक एवं रणनीतिक पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
अलग-अलग मानकों के आधार पर विभागों की रैंकिंग भी
सूत्रों के मुताबिक, विभिन्न विभागों का मूल्यांकन फाइलिंग, डिस्बर्सल, समयबद्ध कार्यप्रणाली समेत कई श्रेणियों में किया गया। अलग-अलग मानकों के आधार पर विभागों की रैंकिंग भी तैयार की गई, जिसमें शीर्ष पांच और सबसे निचले पांच विभागों को चिन्हित किया गया।मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री ने अपने सभी सहयोगियों को लंबित कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने की सलाह दी।
