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लाल किले से पीएम मोदी ने किया मणिपुर हिंसा का जिक्र, कहा- शांति से ही निकलेगा समाधान

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 15, 2023, 08:54 AM IST

PM Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, पिछले कुछ सप्ताह नॉर्थ ईस्ट में विशेषकर मणिपुर में हिंसा का दौर चला, जिस कारण कई लोगों को अपना जीवन खोना पड़ा। हालांकि बीते कुछ दिनों से लगातार शांति की खबरें सामने आ रही हैं। देश मणिपुर के लोगों के साथ खड़ा है। समाधान केवल शांति से ही पाया जा सकता है।

PM Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लाल किले की प्राचीर से मणिपुर हिंसा का जिक्र किया। उन्होंने कहा, पिछले कुछ सप्ताह नॉर्थ ईस्ट में विशेषकर मणिपुर में हिंसा का दौर चला, जिस कारण कई लोगों को अपना जीवन खोना पड़ा। उन्होंने कहा, वहां मां-बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ है।

इस दौरान उन्होंने मणिपुर के लोगों ने शांति की अपील की। पीएम मोदी ने कहा, पिछले कुछ दिनों से वहां से लगातार शांति की खबरें आ रही हैं। पूरा देश मणिपुर के लोगों के साथ है। मणिपुर के लोगों ने पिछले कुछ दिनों से जो शांति बनाए रखी है, उस शांति के पर्व को बनाएं रखें। प्रधानमंत्री ने कहा, शांति से ही समाधान का रास्ता निकलेगा। राज्य व केंद्र की सरकारें मिलकर वहां समस्याओं के समाधान के लिए भरपूर प्रयास कर रही हैं और आगे भी करती रहेंगी।

छोटी घटनाएं बड़ी समस्याएं बन जाती हैं

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मेरे प्यारे परिवारजनों जब हम इतिहास की तरफ नजर करते हैं, तो कई ऐसे पल आते हैं जो अमिट छाप छोड़कर जाते हैं, जिसका प्रभाव सदियों तक रहता है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राकृतिक आपदाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, इस बार प्राकृतिक आपदा ने देश के अनेक हिस्सों में अकल्पनीय संकट पैदा किए। जिन परिवारों ने इस संकट को सहन किया है मैं उन सभी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता हूं। राज्य-केंद्र सरकार मिलकर उन सभी संकटों से मुक्त होकर तेजी से विकास की ओर आगे बढ़ेंगी, ये विश्वास दिलाता हूं।

विश्व को भारत के सामर्थ्य पर विश्वास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, विश्वभर में भारत की चेतना के प्रति, भारत के सामर्थ्य के प्रति एक नया आकर्षण, एक नया विश्वास पैदा हुआ है। ये प्रकाशपुंज भारत से उठा है, जो विश्व अपने लिए ज्योति के रूप में देख रहा है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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