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लैंड फॉर जॉब स्कैम में बुरे फंस गए लालू यादव? ED को मिल गई मुकदमा चलाने की अनुमति

लैंड फॉर जॉब स्कैम में लालू यादव पर आरोप है कि उनके रेलमंत्री रहने के दौरान रेलवे की नौकरियों में धांधली की गई थी। ग्रुप डी की नौकरी के बदले जमीन ली गई थी।

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राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो)

Photo : PTI

लैंड फॉर जॉब घोटाले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस चलाने की मंंजूरी मिल गई है। बुधवार को ईडी ने दिल्ली की एक अदालत को यह जानकारी दी। लालू यादव के खिलाफ केस चलाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी आवश्यक थी।

8 मई को मिल गई थी मंजूरी

प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत को सूचित किया कि उसे कथित ‘‘भूमि के बदले नौकरी घोटाला’’ से जुड़े धनशोधन मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने की आवश्यक मंजूरी मिल गई है। यह ‘घोटाला’ उस समय हुआ था जब लालू प्रसाद केंद्रीय रेल मंत्री थे। ईडी ने अदालत को बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आठ मई को धन शोधन मामले में लालू प्रसाद पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी थी। एजेंसी के मुताबिक राष्ट्रपति मुर्मू ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 197(1) (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 218) के तहत अनिवार्य अनुमति दे दी।

23 मई को होगी सुनवाई

ईडी द्वारा अभियोजन की मंजूरी मिलने संबंधी जानकारी दिये जाने के बाद बुधवार को विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने मामले की सुनवाई के लिए 23 मई की तारीख तय की। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ईडी ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ अभियोजन के लिए गृह मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त मंजूरी को रिकॉर्ड में लाने के लिए एक आवेदन दायर किया है। इसे 23 मई, 2025 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।’’

दायर हो चुका है आरोपपत्र

ईडी की ओर से अधिवक्ता मनीष जैन अदालत में पेश हुए। इस मामले की जांच ईडी द्वारा की गई है। संघीय जांच एजेंसी ने पिछले साल अगस्त में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव(76), उनके बेटे और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। इससे पहले, जनवरी 2024 में, ईडी ने लालू प्रसाद के परिवार के एक कथित सहयोगी अमित कत्याल और प्रसाद के अन्य परिवार के सदस्यों के खिलाफ अपना पहला आरोपपत्र दायर किया था।

लालू परिवार के कई सदस्य हैं फंसे

इसमें लालू प्रसाद की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, सांसद बेटी मीसा भारती, एक अन्य बेटी हेमा यादव और दो संबंधित कंपनियों - ए के इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड और ए बी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम शामिल हैं। अदालत ने हाल ही में इन दोनों आरोपपत्रों (अभियोजन पक्ष की शिकायतों) पर संज्ञान लिया। ईडी का यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि लालू प्रसाद 2004-2009 के दौरान भारतीय रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर भर्ती में हुए ‘भ्रष्टाचार’ में संलिप्त थे।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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