Mehbooba Mufti : डोडा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में पांच जवानों की शहादत होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की मुखिया महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के डीजीपी पर निशाना साधा है। राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कहा कि 'यहां कोई जवाबदेही नहीं है। अगर होती तो डीजीपी को अब तक हटाया जा चुका होता। बीते 32 महीनों में करीब 50 जवान शहीद हो चुके हैं। मौजूदा डीजीपी चीजों को राजनीतिक रूप से फिक्स करने में व्यस्त हैं। उन्हें पीडीपी को तोड़ने, लोगों एवं पत्रकारों को प्रताड़ित करने और डराने-धमकाने का जिम्मा मिला है।पासपोर्ट को हथियार बना दिया गया है। हमें यहां फिक्सर की नहीं बल्कि डीजीपी की जरूरत है। डीजीपी ज्यादा से ज्यादा लोगों पर यूएपीए लगा रहे हैं। यहां पहले दूसरे राज्यों के लोग डीजीपी होकर आए और उन्होंने बहुत अच्छा काम किया। लेकिन इस तरह से साम्प्रदायिक आधार पर पहले कभी किसी ने काम नहीं किया। यहां केवल सांप्रदायिक आधार पर काम हो रहा है।'
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती।
जम्मू कश्मीर के डीजीपी आर आर स्वैन 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह पिछले साल 1 नवंबर को जम्मू कश्मीर के डीजीपी बने थे।
सैनिक ताबूत में यहां से जा रहे-महबूबा
महबूबा ने आगे कहा, 'कश्मीर में ड्यूटी करने देश भर से सैनिक आते हैं लेकिन वे ताबूतों में यहां से जा रहे हैं। अगर आप कहते हैं कि घाटी में आतंकवाद खत्म हो गया है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? बीते 32 महीनों में जब से नए डीजीपी नियुक्त हुए हैं, सबसे ज्यादा सैनिक शहीद हुए हैं। आप लोग सीमा की सुरक्षा करते हैं ऐसे में घुसपैठ रोकना किसी जिम्मेदारी बनती है? क्या घुसपैठ रोकना क्षेत्रीय दलों की जिम्मेदारी है? आप आतंकवाद को लेकर बीते छह सालों से अपनी एक सोच पेश कर रहे हैं...आपको इससे क्या मिला? आपको उत्तर कश्मीर में बहुत बड़ा धक्का लगा है।'
भाजपा की गलत नीतियों का खामियाजा भुगत रहे जवान-राहुल
नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। X पर राहुल ने कहा कि 'आज जम्मू कश्मीर में फिर से एक आतंकी मुठभेड़ में हमारे जवान शहीद हो गए। शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों को गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। एक के बाद एक ऐसी भयानक घटनाएं बेहद दुखद और चिंताजनक है। लगातार हो रहे ये आतंकी हमले जम्मू कश्मीर की जर्जर स्थिति बयान कर रहे हैं। भाजपा की गलत नीतियों का खामियाजा हमारे जवान और उनके परिवार भुगत रहे हैं।हर देशभक्त भारतीय की यह मांग है कि सरकार बार-बार हो रही सुरक्षा चूकों की पूरी जवाबदेही ले कर देश और जवानों के गुनहगारों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे। दुख की इस घड़ी में पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता से खड़ा है।'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुख जताया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवानों की शहादत पर गहरा दुख जताया है। रक्षा मंत्री सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘डोडा के उरबागी (जम्मू कश्मीर) में आतंकवाद विरोधी अभियान में भारतीय सेना के हमारे बहादुर और साहसी जवानों की मौत से बहुत दुखी हूं।’उन्होंने कहा, ‘मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। देश हमारे जवानों के परिवारों के साथ खड़ा है जिन्होंने कर्तव्य का पालन करते हुए अपनी जान न्यौछावर कर दी।’ रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवाद रोधी अभियान जारी है और ‘हमारे सैनिक क्षेत्र में आतंकवाद का संकट खत्म करने तथा शांति और व्यवस्था बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’
