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एयर इंडिया हादसे और टिकट महंगाई पर संसदीय समिति सख्त, एयरलाइंस अधिकारियों से मांगा जवाब

Air India Accident: संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने मंगलवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों और प्रमुख एयरलाइनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जहां समिति के सदस्यों ने अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने और 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद श्रीनगर से अन्य शहरों के लिए उड़ान किराए में अचानक वृद्धि पर चिंता जताई।

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नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरलाइंस अधिकारियों के साथ संसदीय समिति की बैठक संपन्न

Photo : ANI

Parliament Committee: संसद की स्थायी समिति की बैठक में अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे और हवाई यात्रा के टिकट की बढ़ती कीमतों को लेकर गंभीर चर्चा हुई। सांसदों ने एयर इंडिया के CEO कैम्बेल विल्सन से इस दुर्घटना को लेकर कई तीखे सवाल पूछे। कैम्बेल विल्सन ने जवाब देते हुए कहा कि हम भी इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर बेहद चिंतित हैं। दुनियाभर में करीब 1100 ड्रीमलाइनर विमान उड़ान भर रहे हैं और अब तक इन्हें सबसे सुरक्षित विमानों में गिना जाता रहा है। इस तरह की कोई घटना इससे पहले सामने नहीं आई थी, इसलिए यह अपने-आप में एक बड़ी और असामान्य घटना है। गौरतलब है कि 12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया का एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर हादसे का शिकार हो गया था। घटना की जांच फिलहाल जारी है और इसकी जिम्मेदारी तय करने के प्रयास हो रहे हैं।

टिकट की कीमतों में अचानक वृद्धि पर भी सवाल

बैठक के दौरान सांसदों ने एयरलाइंस कंपनियों से यह भी पूछा कि त्योहारों, छुट्टियों या आकस्मिक परिस्थितियों में फ्लाइट टिकट की कीमतों में अचानक और भारी बढ़ोतरी क्यों हो जाती है? क्या इसके पीछे कोई पारदर्शी प्रणाली या मूल्य निर्धारण का आधार है? इस पर एयरलाइंस कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने जवाब देने की कोशिश की, लेकिन कई सदस्यों ने उनके उत्तरों को असंतोषजनक बताया।

बैठक में एयर इंडिया सहित अन्य प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों के शीर्ष अधिकारी, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और दोनों संसदीय समितियों, परिवहन, पर्यटन और संस्कृति समिति एवं नागरिक उड्डयन पर सलाहकार समिति के सदस्य मौजूद रहे। समिति की अध्यक्षता वरिष्ठ सांसद संजय झा ने की।

Ranjeeta Jha
रंजीता झाauthor

13 साल के राजनीतिक पत्रकारिता के अनुभव में मैंने राज्य की राजधानियों से लेकर देश की राजधानी तक सियासी हलचल को करीब से देखा है। प्लांट की गई बातें ख़बरें नहीं होती बल्कि बातों के पीछे छुपी सच्चाई असली ख़बर होती है। खबरें वही जो आपके सरोकार की हो वो आपतक लेकर आऊंगी।

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