Parliament Security Breach: संसद सुरक्षा चूक मामले के लिए जिस ललित झा को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, उसके पिता एक आम किसान हैं। ललित झा फिलहाल सात दिन के लिए पुलिस रिमांड में है, जहां उससे उसके मकसद और साजिश के बारे में पूछताछ की जा रही है।
ललित झा का दरभंगा कनेक्शन
ललित झा का पैतृक गांव दरभंगा जिले के बहेड़ा थाना के रामपुर उदय है। उसके पिता एक किसान हैं। ललित झा खुद कोलकाता में रहता था। उसके माता-पिता भी वहीं रहते थे। इस घटना के बाद उसके माता-पिता अपने पैतृक गांव वापस लौट गए। जिसके बाद दरभंगा पुलिस भी हरकत में आई और जांच में जुट गई। दरभंगा के एसएसपी अवकाश कुमार ने एएनआई को बताया- "ललित झा का पैतृक गांव रामपुर उदय है। उनके पिता एक किसान हैं। हमें अब तक कुछ नहीं मिला है।"
सदमे में परिवार
ललित मोहन झा के बड़े भाई शंभू झा ने हैरानी जताते हुए कहा कि इस घटना से पूरा परिवार अब भी सदमे में है। शंभू ने पत्रकारों से कहा- "हमें नहीं मालूम कि वह इन सब में कैसे शामिल हुआ। वह हमेशा झगड़ों से दूर रहता था। वह बचपन से ही शांत और चुप रहने वाला व्यक्ति था और किसी से कम घुलता-मिलता था। हमें पता है कि वह निजी शिक्षक होने के अलावा एनजीओ से जुड़ा हुआ था और हम टेलीविजन चैनलों पर उसकी तस्वीरें देखकर वाकई स्तब्ध हैं।"
जूते में खास डिजाइन
प्राथमिकी में यह भी बताया गया है कि कैसे विजिटर पास के माध्यम से संसद में प्रवेश पाने वाले दो आरोपियों ने गैस कनस्तरों को सदन के अंदर ले जाने के लिए अपने जूतों में एक विशेष कैविटी बनवाई थी। दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी, जो 13 दिसंबर को दर्ज की गई थी, में उल्लेख किया गया है कि सागर शर्मा और मनोरंजन डी. ने सदन के अंदर रंगीन धुएँ के गैस कनस्तर ले जाने के लिए कितनी सावधानी से अपने जूतों में विशेष कैविटी बनाई थी। इसमें कहा गया है कि के शर्मा के एलसीआर ब्रांड के स्पोर्ट्स जूते स्लेटी रंग के थे। बाएं पैर के जूते के अंदर के तलवे को काटने से एक कैविटी बनी हुई पाई गई।
