'संसद सर्वोच्च है...'; निशिकांत दुबे विवाद के बीच फिर आया उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का बड़ा बयान

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को कहा कि संवैधानिक प्राधिकारी द्वारा बोला गया प्रत्येक शब्द सर्वोच्च राष्ट्रहित से प्रेरित होता है। उन्होंने हाल में उच्चतम न्यायालय के आदेश को लेकर की गई अपनी टिप्पणी पर सवाल उठाने वाले आलोचकों पर निशाना साधा। शीर्ष अदालत की एक पीठ ने हाल में राज्यपालों द्वारा रोक कर रखे गए विधेयकों पर राष्ट्रपति की मंजूरी के वास्ते उन पर फैसला लेने के लिए तीन महीने की समयसीमा तय की थी।

Vice President Judiciary Remark: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को कहा कि संवैधानिक प्राधिकारी द्वारा बोला गया प्रत्येक शब्द सर्वोच्च राष्ट्रहित से प्रेरित होता है। उन्होंने हाल में उच्चतम न्यायालय के आदेश को लेकर की गई अपनी टिप्पणी पर सवाल उठाने वाले आलोचकों पर निशाना साधा। धनखड़ ने यह भी कहा कि देश के खिलाफ काम करने वाली ताकतों द्वारा संस्थाओं की आलोचना करने तथा उन्हें बर्बाद करने के प्रयासों को खत्म किया जाना चाहिए।

Jagdeep Dhankhar

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (फोटो साभार: @VPIndia)

संसद को सर्वोच्च बताते हुए धनखड़ ने कहा, ‘‘संविधान में संसद से ऊपर किसी प्राधिकार की कल्पना नहीं की गई है। संसद सर्वोच्च है... मैं आपको बता दूं कि यह उतना ही सर्वोच्च है जितना कि देश का प्रत्येक व्यक्ति।’’

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