Operation Sindoor: पाकिस्तान के नापाक मंसूबों से दुनिया वाकिफ हो चुकी है। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूत किया जिसको लेकर पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों और पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर को निशाना बनाने की कोशिश की। जी, हां... पाकिस्तान ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को निशाना बनाते हुए मिसाइलें दागीं, लेकिन भारतीय सेना ने असाधारण वीरता का परिचय देते हुए पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को आसमान में ही बेदम कर दिया। भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
स्वर्ण मंदिर
क्या है पूरा मामला?
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, 15 इन्फेंट्री डिवीजन के जीओसी (जनरल ऑफिसर कमांडिंग) मेजर जनरल कार्तिक सी. शेषाद्रि ने बताया कि भारतीय सेना को पाकिस्तान की ओर से हमारे नागरिक प्रतिष्ठानों के साथ-साथ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की आशंका थी जिसमें स्वर्ण मंदिर जैसे धार्मिक स्थल भी शामिल थे। खुफिया जानकारी के मुताबिक, स्वर्ण मंदिर पाकिस्तान का मुख्य लक्ष्य था।
शीर्ष सेना अधिकारी ने बताया कि हमने स्वर्ण मंदिर को हवाई रक्षा कवच प्रदान करने के लिए अतिरिक्त आधुनिक वायु रक्षा परिसंपत्तियां जुटाईं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों सहित अन्य हथियारों से स्वर्ण मंदिर को निशाना बनाकर हमला किया जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया, जो ऐसे हमलों के लिए तैयार थी।
भारत की वायु रक्षा प्रणाली
PAK ने स्वर्ण मंदिर को बनाया था निशाना
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने 7-8 मई को अंधेरे में ड्रोन्स और लंबी दूरी की मिसाइलों के साथ बड़े पैमाने पर हवाई हमला किया। हमें पहले से इसकी आशंका थी और हम पूरी तरह से तैयार थे। हमारे बहादुर और सतर्क सेना के हवाई रक्षा गनर्स ने पाकिस्तानी सेना के नापाक मंसूबों को विफल कर दिया। स्वर्ण मंदिर पर निशाना साधने वाले सभी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया और हमारे पवित्र स्वर्ण मंदिर को एक खरोंच भी नहीं आने दी।
बकौल रिपोर्ट, मेजर जनरल शेषाद्रि ने पहलगाम हमले के बाद भारत की ओर से शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूर्ण सटीकता के साथ कई स्थानों को निशाना बनाया जिसमें मुरीदके और बहावलपुर जैसे क्षेत्र शामिल थे, जहां आतंकवादी संगठनों के मुख्यालय मौजूद हैं।
