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उत्तराखंड के मदरसों में पढ़ाई जाएगी ऑपरेशन सिंदूर की गाथा, मुफ्ती शमून कासमी का ऐलान

ऑपरेशन सिंदूर की कहानी, मदरसा के छात्रों को पढ़ाई जाएगी। उत्तराखंड मदरसा बोर्ड ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि बच्चों को ये जानना चाहिए कि ऑपरेशन सिंदूर की क्या जरूरत थी।

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उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी

उत्तराखंड के मदरसों में जल्द ही ऑपरेशन सिंदूर की गाथा पढ़ाई जाएगी। बच्चों को पढाया जाएगा कि कैसे भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के अंदर हमला करते आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया था। जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे।

उत्तराखंड मदरसा बोर्ड का ऐलान

उत्तराखंड मदरसा बोर्ड ने मंगलवार को कहा कि उत्तराखंड के मदरसों के पाठयक्रम में, हाल में भारतीय सैन्य बलों द्वारा पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' की गाथा को शामिल किया जाएगा । बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने यहां जारी एक बयान में कहा, ‘‘हम मदरसों में सफल ऑपरेशन सिंदूर की गाथा को शामिल करेंगे ताकि हमारे मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को यह मालूम हो सके कि यह ऑपरेशन क्या था और इसकी जरूरत क्यों पड़ी।’’

जल्द ही पाठयक्रम समिति की बैठक

पाकिस्तान को 'नापाक मुल्क' बताते हुए कासमी ने कहा कि जिस तरह से उसने हमारे देश पर हमला किया और पहलगाम में 'हमारे निहत्थे भाइयों' का कत्ल किया, उसके लिए उसे सबक सिखाना बहुत जरूरी था । उन्होंने इस कृत्य को कुरान की भी अवहेलना बताया। मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि मदरसों में ऑपरेशन सिंदूर को पाठयक्रम में शामिल करने के निर्णय पर अमल के लिए जल्द ही पाठयक्रम समिति की बैठक बुलायी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में लगातार मदरसों को मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है । इस संबंध में उन्होंने बताया कि प्रदेश के मदरसों में एनसीईआरटी का पाठयक्रम लागू किया गया है और मदरसों को आधुनिक बनाया जा रहा है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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