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विजय दिवस पर PM, रक्षा मंत्री ने जवानों के बलिदान-शौर्य का किया नमन, आज के ही दिन सेना ने बदल दिया PAK का भूगोल

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस युद्ध में सेना, नौसेना और वायुसेना ने समन्वय की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए इतिहास बदल दिया। 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के करीब 93 हजार सैनिकों ने भारतीय सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया और दुनिया के नक्शे में बांग्लादेश के रूप में एक नए देश का जन्म हुआ।

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1971 के युद्ध में पाकिस्तान की हार हुई। तस्वीर-PTI

Photo : PTI

Vijay Diwas 1971 War: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1971 के युद्ध में भारतीय सेना की शौर्य, पराक्रम एवं बलिदान को सलाम किया है। प्रधानमंत्री ने अपने एक बयान में कहा कि 1971 के युद्ध में भारतीय सेना ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह दिन उनकी वीरता एवं देश की सुरक्षा उनके संकल्प को दर्शाता है। तो वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस युद्ध में सेना, नौसेना और वायुसेना ने समन्वय की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए इतिहास बदल दिया। 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के करीब 93 हजार सैनिकों ने भारतीय सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया और दुनिया के नक्शे में बांग्लादेश के रूप में एक नए देश का जन्म हुआ।

सेना ने प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया

इससे पहले भारतीय सेना ने सोमवार को ‘विजय दिवस’ की पूर्व संध्या पर विभिन्न एआई आधारित प्लेटफॉर्म से लेकर ड्रोन विश्लेषण प्रणाली तक यहां स्वदेशी रूप से विकसित कई प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा आर्मी हाउस में आयोजित ‘एट होम’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

विजय दिवस 16 दिसंबर को मनाया जाता है

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस मौके पर ‘देश में विकसित की गईं प्रौद्योगिकियों और विशिष्ट क्षमताओं का एक शानदार प्रदर्शन किया गया, जो भारतीय सेना के एक आधुनिक, नवोन्मेषी और आत्मनिर्भर बल में लगातार हो रहे बदलाव को दिखाता है’। विजय दिवस 16 दिसंबर को मनाया जाता है, जो 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत की जीत की याद दिलाता है।

मंत्रालय ने कहा कि 73 राजदूतों और उच्चायुक्तों सहित बड़ी संख्या में अतिथियों, वीरता पुरस्कार विजेताओं, खिलाड़ियों, विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों और वरिष्ठ भारतीय नेतृत्व की मौजूदगी ने भारत के ‘बढ़ते वैश्विक रक्षा जुड़ाव’ और ‘देश की स्वदेशी सैन्य प्रौद्योगिकी में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय विश्वास’ को रेखांकित किया। इसमें एक मुख्य आकर्षण एआई-आधारित उपग्रह तस्वीर विश्लेषण प्रणाली थी जो उपग्रह तस्वीरों को जल्दी और सही तरीके से समझने में मदद करती है।

कोलकाता में सेना ने किया शौर्य का प्रदर्शन

कोलकाता में भी भारत की इस जीत पर सेना ने सैन्य प्रदर्शि किया। पाकिस्तान पर मिली ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में 54वें विजय दिवस की पूर्व संध्या पर सोमवार को सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय द्वारा कोलकाता के आरसीटीसी ग्राउंड (मंगल पांडेय ट्रेनिंग एरिया) में आयोजित भव्य मिलिट्री टैटू में सेना के जांबाजों ने हैरतअंगेज सैन्य प्रदर्शन कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। शानदार मिलिट्री टैटू के साथ दो दिवसीय विजय दिवस समारोह का भव्य आगाज हुआ। इसमें हेलीकाप्टर शो से लेकर घोड़ा दौड़, रोबोटिक डाग शो, मार्च पास्ट आदि का शानदार प्रदर्शन कर 1971 के पराक्रमी योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी गई।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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