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सर्वदलीय शिष्टमंडल के लिए ममता ने चुना TMC सांसद का नाम, यूसुफ पठान नहीं होंगे डेलिगेशन का हिस्सा

सर्वदलीय शिष्टमंडल के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को चुना है। पहले सरकार की तरफ से टीएमसी से यूसुफ पठान का नाम दिया गया था। यूसुफ का नाम सामने आने पर ममता ने कहा कि शिष्टमंडल में टीएमसी से कौन जाएगा, इसका चुनाव वह खुद करेंगी।

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अभिषेक बनर्जी डायमंड हार्बर सीट से सांसद हैं।

Abhishek Banerjee : आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस की नीति और 'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में दुनिया को बताने के लिए भारत विश्व भर में अपना सर्वदलीय शिष्टमंडल भेजने जा रहा है। सभी दलों के सांसदों को मिलाकर ऐसे सात सर्वदलीय शिष्टमंडल बड़े देशों और भारत के सहयोगी मुल्कों में भेजे जाएंगे। सर्वदलीय शिष्टमंडल के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को चुना है। पहले सरकार की तरफ से टीएमसी से यूसुफ पठान का नाम दिया गया था। यूसुफ का नाम सामने आने पर ममता ने कहा कि शिष्टमंडल में टीएमसी से कौन जाएगा, इसका चुनाव वह खुद करेंगी। अभिषेक पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर सीट से लोकसभा सांसद हैं।

इससे पहले ममता ने सोमवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से निपटने के भारत के रुख को सामने रखने के लिए गठित केंद्र के बहुदलीय राजनयिक मिशन का बहिष्कार नहीं कर रही हैं और केंद्र से औपचारिक अनुरोध प्राप्त होने पर अपने प्रतिनिधि भेजेंगी। तृणमूल प्रमुख बनर्जी ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रतिनिधिमंडलों में पार्टी के उम्मीदवार का फैसला केंद्र को नहीं करना चाहिए।

उत्तर बंगाल की यात्रा पर हैं ममता

उनका यह बयान उस विवाद के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि तृणमूल सांसद यूसुफ पठान को बहुदलीय राजनयिक प्रतिनिधिमंडल से बाहर निकलने के लिए मजबूर किया गया था। भाजपा ने इस घटनाक्रम के लिए पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी पर हमला किया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर उत्तर बंगाल रवाना होने से पहले कोलकाता हवाई अड्डे पर कहा, ‘हमसे इस बारे में (प्रतिनिधिमंडल के लिए पार्टी प्रतिनिधि का नाम तय करने) संपर्क नहीं किया गया।’ उन्होंने कहा, ‘आजकल व्यवस्था यह है कि वे मूल पार्टी को सूचित नहीं करते बल्कि संसदीय दल को सूचित करते हैं। लेकिन संसदीय दल संसदीय सत्रों के लिए काम करता है। वे नीतिगत निर्णय नहीं ले सकते।’

हम केंद्र के कदमों का समर्थन कर रहे हैं-टीएमसी

तृणमूल प्रमुख ने कहा कि केंद्र ने पार्टी पदाधिकारियों से प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में किसी सांसद का नाम तय करने का अनुरोध नहीं किया।

उन्होंने कहा, ‘अगर अनुरोध हमारे पास आता है, तो निश्चित रूप से हम इस पर विचार कर सकते हैं। हम हमेशा केंद्र सरकार की नीति (विदेश मामलों पर) का समर्थन करते हैं। अगर कुछ खास होगा, तो हम इस पर विचार करेंगे, लेकिन अभी नहीं। फिलहाल, हम केंद्र सरकार के विचारों और उनके द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन कर रहे हैं।’बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार को किसी पार्टी के प्रतिनिधियों को चुनने का कोई अधिकार नहीं है।

सशस्त्र बलों के अधिकारियों को विदेश भेजना चाहिए-अभिषेक

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ देश की कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति के रुख को सभी के सामने रखने के लिए पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के परिजनों या ऑपरेशन सिंदूर का नेतृत्व करने वाले सशस्त्र बलों के अधिकारियों को विदेश भेजना चाहिए। नई दिल्ली में तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव ने संवाददाताओं के सामने दोहराया कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय हित, सीमा पार आतंकवाद का मुकाबला करने और संप्रभुता की रक्षा के मामलों में सरकार के साथ खड़ी है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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