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'उंगली मत उठाइए मंत्री जी...' लोकसभा में ओम बिरला ने मंत्री नित्यानंद राय से ऐसा क्यों कहा?

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को सदन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से कहा कि उंगली मत उठाइए मंत्री जी इधर बोलिए।

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स्पीकर ओम बिरला की मंत्री को हिदायत

Photo : ANI

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को सदन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से कहा कि उंगली मत उठाइए मंत्री जी इधर बोलिए। राय सदन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे कह रहे हैं कि सीएपीएफ का मनोबल गिरा है।

राय ने विपक्ष की ओर उंगली उठा कर इशारा किया

उन्होंने विपक्ष की ओर उंगली उठा कर इशारा करते हुए कहा, जाकर देखिये सीएपीएफ का मनोबल किस प्रकार बढ़ा है। बिना मनोबल बढ़े आतंकवाद अंतिम सांसे नहीं गिन रहा होता। आज नक्सलवाद समाप्त नहीं हुआ होता। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, 'उंगली मत उठाइये मंत्री जी, इधर बोलिए।' इसके बाद राय ने हाथ नीचे करते हुए कहा, 'तो फिर हाथ नीचे रखना पड़ेगा न सर।' इस पर, लोकसभा अध्यक्ष बिरला को मुस्कुराते और सदन के कई सदस्यों को ठहाके लगाते देखा गया।

सीएपीएफ विधेयक को मिली संसद की मंजूरी

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 के संबंध में विपक्ष की आशंकाओं को खारिज करते हुए लोकसभा में कहा कि यह सीएपीएफ के किसी भी वर्ग के अहित में नहीं है और यह बलों को अधिक सशक्त बनाने में सहायक होगा। राय ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि विधेयक इस सदन के समक्ष केवल एक विधायी प्रस्ताव के रूप में ही नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ और संगठित बनाने के लिए लाया गया है। कुछ विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज करते हुए सदन ने मंत्री के जवाब के बाद विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया। राज्यसभा ने बुधवार को विधेयक को मंजूरी प्रदान की थी। इसके साथ ही विधेयक को संसद की मंजूरी मिल गई।

कहा- विपक्ष ने राजनीतिक रोटी सेंकने का प्रयास किया

मंत्री ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह विधेयक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के अधिकारियों की सेवा शर्तों में उत्पन्न प्रशासनिक अस्पष्टता और कैडर प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे इन बलों की कार्यकुशलता और मनोबल, दोनों को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने विधेयक का विरोध करने वाले सदस्यों पर प्रहार करते हुए कहा, जहां तक मैं समझता हूं विपक्ष ने इसमें अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का प्रयास किया है। उन्होंने कंफ्यूजन में डालने का प्रयास किया और खुद भी कंफ्यूजन में हैं। वे या तो विधेयक को समझ नहीं पाए, या समझ पाए तो ना समझदार बनने का दिखावा किया।

सीएपीएफ कर्मियों की पदोन्नति के संबंध में विपक्षी सदस्यों द्वारा उठाये गए मुद्दों पर मंत्री ने कहा कि विभिन्न पदोन्नति समितियों का नियमित रूप से गठन किया जाता है और यह (पदोन्नति) समय पर सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में वरिष्ठता संबंधित विवादों के अदालतों में लंबित होने या अनुशासनात्मक कार्रवाइयों के कारण पदोन्नति में देर होती है। राय ने विपक्ष की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा, यह विधेयक सीएपीएफ के किसी भी वर्ग या श्रेणी के अहित में नहीं है। यह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रशासनिक ढांचे में आवश्यक स्पष्टता और सुव्यवस्था प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक सीएपीएफ को और अधिक सशक्त बनाने में सहायक होगा।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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