Bihar political Crisis: बिहार में महागठबंधन की सरकार गिर चुकी है। नीतीश कुमार रिकॉर्ड छठी बार पलटी मारते हुए बीजेपी के साथ जाकर सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके हैं। इस बार नीतीश के रास्ते इतने आसान नहीं थे, लालू यादव इस बार नीतीश को आसानी से छोड़ने के मूड में नहीं थे, इसलिए जब नीतीश ने लालू यादव से बात करना बंद कर दिया था, तब लालू यादव बहुमत के जुगाड़ में लग गए थे, लेकिन अभी जो तस्वीर सामने आई है, उसमें उनका सपना टूटता दिख रहा है।
सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए नीतीश कुमार
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तेजस्वी को करना होगा और इंतजार
जब नीतीश, बीजेपी के साथ दोस्ती करने में लगे थे, तब लालू वो 8 विधायक का जुगाड़ कर रहे थे, जिनकी उन्हें बहुमत के लिए जरूरत थी। दरअसल राजद-79, कांग्रेस-19 और वाम दल-16, मतलब कुल विधायकों की संख्या हुई 114, जो बहुमत से 8 कम है। इसी 8 विधायक का जुगाड़ लालू यादव कर रहे थे। लेकिन सफलता नहीं मिली। लालू यादव AIMIM, हम और निर्दलीय और जदयू के कुछ विधायकों के भरोसे सरकार बनाने की चाहत पाले थे, जो टूट गया है।नीतीश के साथ फोटो में समीकरण साफ
नीतीश कुमार आज जब राजभवन पहुंचे और सरकार बनाने का दावा पेश किया तो उनके साथ वो जीतन राम मांझी भी थे, जिसपर लालू यादव डोरे डाल रहे थे, डिप्टी सीएम का ऑफर दे रहे थे, कहा गया कि खुद राहुल गांधी बात कर चुके थे। लेकिन मांझी को महागठबंधन तोड़ने में असफल रहा। मांझी के बाद लालू यादव बिहार के इकलौते निर्दलीय विधायक सुमित कुमार सिंह को अपना पाले में करने की कोशिश में थे, लालू यहां भी नाकाम हुआ। निर्दलीय सुमित सिंह भी नातीश के साथ ही राजभवन पहुंचे थे। मतलब लालू जिनके भरोसे तेजस्वी को सीएम बनाने का सपना दिखा रहे थे, वो सब नीतीश के साथ हैं।मांझी की मांगे पूरी
दरअसल अभी तक जो सूचना सामने आई है, उसमें मांझी की मांगे पूरी होती दिख रही है। मांझी ने दो मंत्रीपद मांगे थे, जो उन्हें मिलता दिख रहा है। वहीं सुमित कुमार सिंह भी नई नीतीश सरकार में मंत्री बनेंगे।
