Deportees from America: जितेंद्र सिंह ने कहा हमारे साथ बहुत बुरा व्यवहार किया गया बेड़ियां में जकड़ कर अमेरिका से हमें भारत लाया गया, रास्ते में भी बेड़ियां लगा कर रखी गई वॉशरूम जाने तक के लिए गाली दी जाती थी कॉलर पकड़ कर ले जाया जाता था खाने के लिए पानी और चिप्स के पैकेट दिए गए, 17 सितंबर को मैं मुंबई से गया था 27 नवम्बर मैने बॉर्डर क्रॉस किया था।
कहा कि 13 फरवरी को रात में ही हमें बेड़ियां लगा दी गई थी और जब यहां फ्लाइट उतरने वाली थी उससे पहले बेड़ियां खोल दी गई थी, सुनहरे भविष्य का सपना लेकर मैं गया था मैंने कोई गुनाह तो नहीं किया था लेकिन ऐसा हमारे साथ क्यों हुआ?
'डोंकी रूट से जब हम गए थे वह बहुत खतरनाक सफर था'
डोंकी रूट से जब हम गए थे वह बहुत खतरनाक सफर था पनामा रूट से हम गए थे हमने रास्ते में लाचे भी देखी जो डोनकर हमारे साथ है वह सेफ डोंकी नहीं थे हमें कहा गया था कि बाय एयर भेजा जाएगा लेकिन ऐसा नहीं था बहुत सारे लोग रास्ते में भी मर जाते हैं लोग कुछ लोगों के हाथ पैर भी टूट जाते हैं मैं बाकी लोगों को कहना चाहूंगा कि वो अमेरिका जाने के बारे में सोचे भी नहीं सिर्फ धोखा ही और कुछ नहीं है।
