प्लेन का सफर आने वाले समय में हो सकता है आप फ्री में भी कर लें। जी हां, ऐसा नए टिकट डाउनग्रेड नियमों की वजह से संभव हो सकता है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो बुक किए गए टिकट का क्लास (श्रेणी) डाउनग्रेड करने पर एयरलाइन कंपनियां मुसाफिरों को मुफ्त यात्रा करा सकती हैं और उनके टिकट की पूरी वैल्यू रिफंड तक कर सकती हैं।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइलः iStock)
वैसे, मौजूदा समय में भारत में इस तरह के डाउनग्रेड के लिए नियम नहीं है, जबकि पश्चिमी देशों में यात्री इनके तहत रिफंड पा लेते हैं। बहरहाल, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) के मौजूदा विचार-विमर्श दुनिया भर में सबसे उपभोक्ता अनुकूल साबित हो सकते हैं।
विमानन नियामक ने शुक्रवार (23 दिसंबर, 2022) को कहा कि वह उन यात्रियों को मुआवजा देने के लिए नियमों में फेरबदल करने की प्रक्रिया में है, जिन्हें उनकी पसंद के क्लास में यात्रा करने के अधिकार से वंचित कर दिया गया था। दरअसल, विमान के बदलने और अत्यधिक बुकिंग आदि के चलते इन्वॉलेंट्री डाउनग्रेड की स्थिति पनप जाती है, जबकि डीजीसीए के मौजूदा नियम सिर्फ बोर्डिंग न मिलने और फ्लाइट्स के कैंसल होने के मामले में डील करते हैं।
डीजीसीए के बयान के मुताबिक, इस संशोधन के तहत यात्री (जिनका अपनी इच्छा के बगैर बुक किया टिकट डाउनग्रेड हो गया हो) टिकट की पूरी वैल्यू (टैक्स के साथ) रिफंड के रूप में पाने की सुविधा देगा। यही नहीं, एयरलाइन कंपनी अगले उपलब्ध क्लास में यात्री को मुफ्त यात्रा मुहैया कराएगी। हालांकि, इस प्रस्ताव को स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन से होकर गुजरना होगा और अंतिम रेग्युलेशन के जारी होने के बाद ही इसे लागू किया जाएगा।
समझें- क्या होता है इन्वॉलेंट्री डाउनग्रेड?
मान लीजिए कि आपने फर्स्ट क्लास या फिर बिजनेस क्लास का टिकट बुक कर लिया हो और किन्हीं कारणों के चलते आप चेक-इन के समय उसे डाउनग्रेड कर लें। मतलब अपनी बुक की गई श्रेणी से निचली श्रेणी का टिकट ले लें, उस स्थिति में यह प्रोसेस इन्वॉलेंट्री डाउनग्रेड कहलाएगा।
