Attack on Ships in Middle East: ओमान तट पर वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी हमलों और चालक दल के अपने तीन सदस्यों के लापता होने के बाद भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में चिंता जाहिर की है। यूएनएससी को संबोधित करते हुए भारत ने वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने पर आगाह किया और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच जहाजों के मुक्त एवं बाधारहित आवागमन सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया। संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि जहाजों पर हुए हमलों में कई भारतीयों ने अपनी जान गंवाई है जबकि कई अभी भी लापता हैं।
वाणिज्यिक जहाजों पर हमले पर भारत ने जताई चिंता। -फाइल पिक्चर
नौवहन- व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा न खड़ी हो-भारत
एक बयान के मुताबिक हरीश ने कहा, 'क्षेत्र के देशों, व्यापारी जहाजों और समुद्री संचार मार्गों पर हुए हमलों के कारण कई भारतीय नागरिकों की जान गई है या वे लापता हैं। इस पृष्ठभूमि में भारत ने एक बार फिर संवाद और कूटनीति पर जोर देते हुए कहा कि नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा नहीं डाली जानी चाहिए, वाणिज्यिक जहाजों को सैन्य निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, नागरिक आबादी और बुनियादी ढांचे पर हमले नहीं होने चाहिए। संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के प्रयास किए जाने चाहिए। भारत ने मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के उद्देश्य से किए जा रहे सभी प्रयासों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।'
'हमलों का भी दृढ़ता से विरोध करता है भारत'
उन्होंने आगे कहा कि 'भारत वाणिज्यिक जहाजों पर होने वाले हमलों का भी दृढ़ता से विरोध करता है, क्योंकि वैश्विक समुद्री कार्यबल में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।' भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने यह भी रेखांकित किया कि 'खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। उनकी सुरक्षा और कल्याण हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत की व्यापारिक और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाएं इस क्षेत्र की स्थिरता पर निर्भर हैं और यहां किसी भी बड़े व्यवधान का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।'
अमेरिकी राजनयिक को विदेश मंत्रालय ने किया तलब
इससे पहले भारत ने बुधवार को अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया और ओमान के तट के पास भारतीय चालक दल के सदस्यों वाले एक वाणिज्यिक पोत पर अमेरिकी हमले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। हमले के बाद जहाज पर मौजूद भारतीय चालक दल के 24 सदस्यों में से तीन लापता हो गए। अपनी प्रतिक्रिया में नई दिल्ली ने कहा कि पश्चिम एशिया में वाणिज्यिक नौवहन और असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए, और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर बिना किसी रुकावट के आवाजाही जल्द से जल्द बहाल की जानी चाहिए।
US ने कहा-नाकेबंदी का विरोध कर रहा था जहाज
वाणिज्यिक पोत 'सेटेबेलो’ पर यह हमला तब हुआ, जब इसके दो दिन पहले ही पलाओ के झंडे वाले एक जहाज पर, जिसमें 24 भारतीय सवार थे, अमेरिकी नौसेना ने हमला किया था। यह जहाज ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी से बचने की कोशिश कर रहा था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमले की बात स्वीकार करते हुए कहा कि यह जहाज ईरान से तेल ले जाने की कोशिश कर रहा था और इस तरह ईरानी बंदरगाहों पर लागू अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था। विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की।
'सेटेबेलो’पर हुए हमले की भारत ने की निंदा
विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हम आज ओमान तट के पास वाणिज्यिक पोत 'सेटेबेलो’ पर हुए हमले की निंदा करते हैं। जहाज पर मौजूद चालक दल के 24 भारतीय सदस्यों में से अब तक 21 भारतीयों को बचा लिया गया है और तीन भारतीयों के लापता होने की खबर है।' मंत्रालय ने कहा कि ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है और जारी खोज एवं बचाव अभियान में स्थानीय अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा, 'इस इलाके में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और ये इलाके में जारी संघर्ष का प्रत्यक्ष परिणाम हैं।'
