National Institute of Virology : राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान ने इन्फ्लुएंजा ए, बी एवं सार्स कोविड-2 से संक्रमण का पता करने के लिए पहला स्वदेश किट तैयार किया है। खास बात यह है कि इन संक्रामक रोगों का पता एक ही किट के परीक्षण से चल जाएगा। संस्थान चाहता है कि कंपनियां इसे बड़े स्तर पर बाजार में लोगों तक पहुंचाएं। रिपोर्टों के मुताबक एनआईवी पुणे में इन्फ्लुएंजा विभाग की प्रमुख डॉक्टर वर्षा पोटदार ने कहा कि यह रियल टाइम आरटी-पीसीआर टेस्ट की तरह एक ट्यूब है जो कि इंफ्लुएंजा ए, बी और कोविड-19 संक्रमण का पता लगाएगा।
जांच आसान और समय की बचत होगी
डॉक्टर ने आगे बताया कि इस ट्यूब से जांच आसान और समय की बचत होगी। खास बात यह है कि इस ट्यूब से एक बार में ही तीन संक्रमण की जांच हो सकेगी। डॉक्टर ने कहा कि संक्रमण की जांच के लिए व्यक्तियों से अलग-अलग सैंपल लेने की जरूरत नहीं होगी। डॉक्टर ने आगे कहा कि इन तीनों संक्रमणों के लक्षण अक्सर एक-दूसरे से मिलते जुलते हैं। ऐसे में इन संक्रमण के लक्षणों की पहचान एक किट से करना काफी उपयोगी साबित होगा।
किट बनाने के लिए कंपनियों को भेजा न्योता
डॉक्टर पोटदार ने आगे कहा कि संस्थान ने किट का निर्माण बड़ी संख्या में करने के लिए गत 15 मई को कंपनियों न्योता भेजा। इस किट से जांच के लिए संक्रमित व्यक्तियों के नाक एवं गले से नमूने लिए जाएंगे। स्वास्थ्य कर्मी जांच के लिए इस सैंपल का इस्तेमाल कई बार सकेंगे।
एंटीबॉडी के लिए तैयार की टेस्ट किट
एंटीबॉडी के लिए NIV ने कुछ दिनों पहले एक टेस्ट किट तैयार की। इस टेस्टिंग किट को नाम कोविड कवच एलिसा टेस्ट दिया गया। यह किट बड़ी आबादी वाले इलाके में कोरोना संक्रमण के एक्सपोज़ को लेकर निगरानी में अहम भूमिका निभाएगी। इस किट की सेंसिटिविटी और स्पेसिफिटी परखने के लिए मुम्बई के दो अलग-अलग इलाकों में टेस्ट को अंजाम दिया गया। इस किट से ढाई घंटे में 90 सैम्पल्स की जांच की जा सकती है।
