Operation Sindoor: वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने गुरुवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को ‘‘राष्ट्रीय विजय’’ करार दिया। साथ ही उन्होंने विभिन्न रक्षा अधिग्रहण परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अत्यधिक देरी पर गंभीर चिंता जताई और इस मुद्दे को सुलझाने की वकालत की।
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह (फोटो साभार: @IAF_MCC)
भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक चले सैन्य संघर्ष के बाद अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणी में एयर चीफ मार्शल ने कहा कि एक भी परियोजना समय पर पूरी नहीं हुई है। उन्होंने हालांकि, सीआईआई बिजनेस समिट में अपनी टिप्पणी में परियोजनाओं का विशिष्ट विवरण नहीं दिया या उस अवधि का संदर्भ नहीं दिया कि परियोजनाओं में कब से हुई देरी भारतीय वायुसेना को प्रभावित कर रही है।
वायुसेना प्रमुख ने क्या कुछ कहा?
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सशस्त्र बलों को स्पष्ट तौर पर अहसास करा दिया है कि हम किस ओर जा रहे हैं और हमें भविष्य में क्या चाहिए। एयर चीफ मार्शल सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को राष्ट्रीय विजय करार देते हुए कहा कि सभी भारतीय बलों ने मिलकर बेहद पेशेवर तरीके से इसे अंजाम दिया। उन्होंने कहा, “हम सत्य के मार्ग पर चल रहे थे। मुझे लगता है कि ईश्वर भी इसमें हमारे साथ था।”
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हमने जो ऑपरेशन सिंदूर चलाया, वह राष्ट्रीय विजय है। मैं हर भारतीय को धन्यवाद देता हूं। मुझे यकीन है कि हर भारतीय इस जीत की ओर देख रहा था। उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कई बार कहा जा चुका है कि यह एक ऐसा ऑपरेशन था जिसे सभी लोगों ने बहुत ही पेशेवर तरीके से अंजाम दिया, सभी एजेंसियां, सभी बल, हम सब एक साथ आए... और जब सत्य आपके साथ होता है, तो सब कुछ अपने आप हो जाता है।”
क्यों परेशान है वायुसेना?
वायुसेना प्रमुख ने अपने संबोधन में रक्षा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी पर दुख जताया। तेजस हल्के लड़ाकू विमान की आपूर्ति में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा की गई भारी देरी से वायुसेना परेशान है। उन्होंने कहा कि समयसीमा एक बड़ा मुद्दा है; यहीं पर 'वचन' (प्रतिबद्धता) वाला हिस्सा आता है। एक बार समयसीमा तय हो जाने के बाद... मुझे लगता है कि एक भी परियोजना समय पर पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, यह ऐसी चीज है जिसपर हमें गौर करना होगा, हम ऐसा वादा क्यों करें जो पूरा नहीं हो सकता।’’
एयर चीफ मार्शल ने कहा कि करार पर हस्ताक्षर करते समय, कभी-कभी, हमें यकीन होता है कि यह पूरा नहीं होने वाला है। लेकिन, हम सिर्फ अनुबंध पर हस्ताक्षर करते हैं और देखते हैं कि उसके बाद क्या किया जा सकता है.. जाहिर है कि तब प्रक्रिया खराब हो जाती है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर एयर चीफ मार्शल ने कहा कि यह युद्ध पूरे देश के दृष्टिकोण से जीता गया था, और रक्षा बलों को सशक्त बनाने के बारे में बात करते समय भी यही दृष्टिकोण जारी रखने की जरूरत है।
