भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी डिजिटल टीम में बदलाव करते हुए दीपक म्हास्के को राष्ट्रीय सोशल मीडिया की जिम्मेदारी सौंपी है। यह बदलाव ऐसे वक्त हुआ है, जब राजनीतिक दलों के लिए सोशल मीडिया सिर्फ प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं और खासकर Gen Z तक पहुंच बनाने का अहम जरिया बन चुका है। म्हास्के के सामने अब बीजेपी के डिजिटल नैरेटिव को आगे बढ़ाने के साथ-साथ सोशल मीडिया के बदलते ट्रेंड के मुताबिक पार्टी की रणनीति को ढालने की चुनौती भी होगी।
अमित मालवीय की जगह दीपक म्हास्के को बीजेपी ने दी है आईटी सेल की जिम्मेदारी (फोटो- deepakmhaskey)
फॉलोअर्स के आंकड़े क्या कहानी बताते हैं?
दीपक म्हास्के की व्यक्तिगत सोशल मीडिया मौजूदगी पर नजर डालें तो X, Facebook और Instagram को मिलाकर उनके करीब 37 हजार फॉलोअर्स हैं। वहीं, उनसे पहले बीजेपी की डिजिटल कमान संभालने वाले अमित मालवीय की अकेले X पर ही करीब 8.56 लाख की फॉलोइंग है। Instagram पर भी मालवीय के करीब 28 हजार फॉलोअर्स बताए जाते हैं।
हालांकि, दोनों की डिजिटल पहुंच की सीधी तुलना पूरी तस्वीर नहीं दिखाती। अमित मालवीय लंबे समय से बीजेपी की डिजिटल रणनीति से जुड़े रहे हैं और करीब एक दशक से ज्यादा समय में उन्होंने अपनी व्यक्तिगत सोशल मीडिया पहचान भी बनाई है। इसके मुकाबले म्हास्के का राष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया की कमान संभालने का सफर अभी शुरू हुआ है।
नई जिम्मेदारी के बाद Instagram पर क्या दिखा?
म्हास्के के Instagram अकाउंट पर भी नजर डालें तो मंगलवार सुबह करीब 10 बजे तक नई जिम्मेदारी मिलने के बाद चार पोस्ट दिखाई दे रही थीं।
यही पहलू इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि बीजेपी अब अपने नेताओं को Instagram और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अधिक सक्रिय रहने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। खास तौर पर युवाओं के बीच राजनीतिक संवाद का तरीका तेजी से बदल रहा है।
Gen Z के बीच डिजिटल पहुंच बढ़ाना बड़ी चुनौती
हाल के Gen Z आंदोलन के बाद राजनीतिक दलों का ध्यान एक बार फिर युवा डिजिटल ऑडियंस की तरफ गया है। Instagram, Reels और दूसरे शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट प्लेटफॉर्म युवाओं से संवाद के सबसे प्रभावी माध्यमों में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में बीजेपी के नए डिजिटल प्रमुख के सामने चुनौती केवल पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को संभालने की नहीं होगी। उन्हें यह भी तय करना होगा कि युवाओं की बदलती डिजिटल भाषा और उनकी पसंद के कंटेंट फॉर्मेट के साथ पार्टी का संदेश कैसे जोड़ा जाए।
अमित मालवीय की विरासत, म्हास्के के सामने नई चुनौती
अमित मालवीय के कार्यकाल में बीजेपी ने सोशल मीडिया को चुनावी और राजनीतिक रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर इस्तेमाल किया। अब म्हास्के को इसी मजबूत डिजिटल ढांचे को आगे बढ़ाते हुए नई ऑडियंस तक पहुंच बनाने की जिम्मेदारी मिली है।
फॉलोअर्स की संख्या भले ही डिजिटल ताकत का एक पैमाना हो, लेकिन असली कसौटी कंटेंट की पहुंच, लोगों की प्रतिक्रिया और पोस्ट पर होने वाला संवाद होगा।
अब देखने वाली बात यह होगी कि करीब 37 हजार की व्यक्तिगत सोशल मीडिया फॉलोइंग से राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी की डिजिटल टीम का नेतृत्व करने वाले दीपक म्हास्के आने वाले दिनों में अपनी डिजिटल पहचान को किस तरह विस्तार देते हैं और पार्टी को Gen Z से जोड़ने के लिए क्या नया प्रयोग करते हैं।
