Border Outpost G-7: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर स्थित G-7 बॉर्डर आउटपोस्ट का उद्घाटन किया। इस दौरान, उन्होंने कहा कि संवेदनशील हरामी नाला क्षेत्र (Harami Nala Region) में मजबूत सुरक्षा ग्रिड तैयार करने के लिए कई तकनीकी चुनौतियों को पार किया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (फोटो साभार: @AMITSHAH)
'High Tea' में शामिल हुए अमित शाह
अमित शाह ने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के जवानों से मुलाकात की और परिसर में नीम का पौधा भी लगाया। इस दौरान वह बीएसएफ जवानों के साथ 'हाई टी' में भी शामिल हुए। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे।
कितनी है G-7 केंद्र की लागत?
अमित शाह ने कहा कि G-7 केंद्र का निर्माण लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और यह सीमा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि G-7 और G-13 परियोजनाएं सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से समर्पित की गई हैं।
अमित शाह ने कहा, ''जब मैंने पहली बार गृह मंत्री के रूप में बीएसएफ की समीक्षा बैठक की थी, तब यह महसूस किया गया कि हरामी नाला क्षेत्र सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील और कमजोर है। इसके बाद हमने चरणबद्ध तरीके से पूरे इलाके में मजबूत सुरक्षा नेटवर्क तैयार किया।''
शाह की परियोजना पर थी पैनी निगाह
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में टावर खड़े करने और सुरक्षा ढांचा तैयार करने में भारी तकनीकी और भौगोलिक चुनौतियां थीं। सीमा चौकियों के आसपास की जमीन को करीब 3.75 मीटर तक ऊंचा किया गया ताकि सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी ढंग से संचालित हो सके। शाह ने कहा कि उन्होंने स्वयं तीन महीने तक रोजाना इस परियोजना की प्रगति की निगरानी की।
पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि अधूरी सीमा बाड़बंदी देश की सुरक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी कमजोरियों में से एक थी। उन्होंने दावा किया कि राज्य में बीजेपी सरकार बनने के बाद सीमा पर फेंसिंग के लिए जरूरी जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
