Gujarat Police Cancels Leave: ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के बाद गुजरात के तटीय इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अप्रत्याशित स्थिति की आशंका के कारण पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं तथा उन्हें तुरंत ड्यूटी पर लौटने को कहा है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के तहत मंगलवार देर रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। बता दें कि, गुरुवार सुबह ही पंजाब पुलिस विभाग की ओर से भी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द करने का आदेश जारी किया गया था। चूंकि, गुजरात पाकिस्तान के साथ जमीनी और समुद्री सीमा साझा करता है यही वजह है कि पाकिस्तान से सटे तटीय इलाकों में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
राज्य के पुलिस महानिदेशक विकास सहाय के कार्यालय ने बुधवार रात एक आदेश जारी कर ‘अप्रत्याशित स्थिति की आशंका के कारण शहरों और जिलों के सभी पुलिस अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दीं और उन्हें तत्काल प्रभाव से ड्यूटी पर लौटने को कहा। राजकोट रेंज के महानिरीक्षक अशोक कुमार यादव ने कहा कि पाकिस्तान में भारत की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के बाद तटीय पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि, 'राजकोट रेंज के अंतर्गत पांच जिले, जामनगर, मोरबी और देवभूमि द्वारका समुद्र तट पर स्थित हैं। हमने पिछले दो दिनों में गुजरात के तटीय इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और उन क्षेत्रों में अधिकतम पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है और सभी पुलिस अधिकारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं। पुलिसकर्मी तटीय गांवों और नौका उतरने के स्थानों का दौरा कर रहे हैं और ग्रामीणों एवं सरपंचों से आग्रह कर रहे हैं कि अगर उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।'
राजकोट रेंज के महानिरीक्षक ने बताया कि, 'राज्य रिजर्व पुलिस (एसआरपी) और ग्राम रक्षक दल के कर्मी स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर तटीय क्षेत्र में 24 घंटे गश्त तथा वाहनों की जांच कर रहे हैं। अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिलों में विभिन्न महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस 24 घंटे इलाके में गश्त कर रही है और प्रमुख निकास और प्रवेश बिंदुओं पर वाहनों की जांच की जा रही है।'
(भाषा)
