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भारत का पिनाका बना काल, 120 किमी दूर लक्ष्य पर अचूक वार; DRDO की कामयाबी से सकते में चीन-पाकिस्तान

पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR 120) का पहला परीक्षण आज चांदीपुर स्थित आईटीआर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर डीआरडीओ और अन्य हितधारकों को बधाई दी है।

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डीआरडीओ को मिली बड़ी सफलता।

ओडिशा के चांदीपुर में डीआरडीओ ने आत्मनिर्भर भारत का दम दिखाया है। यहां डीआरडीओ ने 120 किलोमीटर रेंज वाले पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण किया। लंबी दूरी तक बेहद सटीक हमला करने की क्षमता के कारण यह रॉकेट भारतीय सेना के लिए एक गेम चेंजर माना जा रहा है। क्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर डीआरडीओ और अन्य सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी है। खास बात यह रही कि जिस दिन इस परियोजना को डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) से भारतीय सेना के लिए मंजूरी मिली, उसी दिन इसका सफल परीक्षण भी हुआ।

पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट की खास बात यह है कि इस रॉकेट को मौजूदा (पुराने) पिनाका लॉन्चर सिस्टम से भी दागा जा सकता है, जिससे सेना को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। यह परीक्षण आत्मनिर्भर भारत को और मजबूती देता है। पिनाका की इस नई क्षमता से न केवल भारत की सैन्य ताकत बढ़ेगी, बल्कि दुश्मनों के खिलाफ देश की रणनीतिक बढ़त भी और मजबूत होगी।

अधिकारियों ने बताया कि LRGR को सेना में पहले से मौजूद पिनाका लॉन्चर से दागा गया, जिससे इसकी बहु-उपयोगिता साबित हुई और एक ही लॉन्चर से अलग-अलग रेंज वाले पिनाका रॉकेट दागने की क्षमता प्रदर्शित हुई।

मंत्रालय ने दी जानकारी

मंत्रालय ने बताया कि इस रॉकेट को डीआरडीओ की प्रयोगशाला आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट ने हाई एनर्जी मटीरियल्स रिसर्च लैबोरेटरी के सहयोग से डिजाइन किया है। इसके विकास में डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैबोरेटरी और रिसर्च सेंटर इमारत का भी सहयोग रहा। इस उड़ान परीक्षण का समन्वय आईटीआर और प्रूफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टैब्लिशमेंट द्वारा किया गया।

पिनाका LRGR-120 की खास खूबियां

  • गाइडेड तकनीक से लैस यह रॉकेट लक्ष्य पर बिल्कुल सटीक हमला करता है।
  • इसकी रेंज 120 किलोमीटर तक है। मतलब इस रेंज में दुश्मन के ठिकाने कहीं भी नष्ट किए जा सकते हैं।
  • यह पूरी तरह स्वदेशी है। इस रॉकेट को पुणे स्थित डीआरडीओ की आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ARDE) ने विकसित किया है।
  • पिनाका के मौजूदा लॉन्चर सिस्टम से इसे आसानी से लॉन्च किया जा सकता है।
  • इसमें आधुनिक नेविगेशन और कंट्रोल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे उड़ान के दौरान उच्च नियंत्रण बना रहता है।

रक्षामंत्री ने इसलिए करार दिया गेमचेंजर

पिनाका LRGR-120 के सफल परीक्षण को भारतीय सेना के लिए एक बड़ी रणनीतिक छलांग माना जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे ‘गेम चेंजर’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस गाइडेड रॉकेट के सेना में शामिल होने से हमारी सटीक और लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता में ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी। अब तक पिनाका रॉकेट सिस्टम 40 से 75 किलोमीटर की रेंज तक सीमित था, लेकिन 120 किलोमीटर की नई मारक क्षमता से भारत को एलएसी और एलओसी पर निर्णायक बढ़त मिलेगी।

यह रॉकेट दुश्मन के सुरक्षित माने जाने वाले बंकरों, निगरानी रडार, कमांड सेंटर और अहम सैन्य ठिकानों को दूर बैठे ही तबाह करने में सक्षम है। इससे युद्ध की स्थिति में भारतीय सेना को बिना सीमा पार किए गहरा प्रहार करने की ताकत मिलेगी, जो रणनीतिक संतुलन को भारत के पक्ष में झुका सकती है।

पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR 120) का पहला परीक्षण सफल।

पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR 120) का पहला परीक्षण सफल। (वीडियो ग्रैब)

भारतीय रक्षातंत्र की रीढ़ की हड्डी है पिनाका

पिनाका मल्टीपल लॉन्चर रॉकेट सिस्टम (MLRS) एक लंबी दूरी की तोपखाना प्रणाली है, जिसे डीआरडीओ ने विकसित किया है। अपनी सटीक मारक क्षमता के लिए पहचाना जाने वाला पिनाका सिस्टम आधुनिक युद्ध में भारतीय सेना की ताकत को और बढ़ाता है। स्वदेशी हथियार प्रणालियों में पिनाका को काफी अहम माना जाता है। भारतीय सेना इस प्रणाली को पूरी तरह समर्थन दे रही है। थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जैसे ही पिनाका के लंबी दूरी वाले संस्करण तैयार होंगे, सेना अन्य वैकल्पिक हथियार प्रणालियों की योजनाओं को छोड़ सकती है। पिनाका निर्यात के क्षेत्र में भी बड़ी सफलता साबित हुआ है। इसे आर्मेनिया खरीद चुका है, जबकि फ्रांस सहित कई यूरोपीय देश इसमें रुचि दिखा रहे हैं।

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