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Tejas Mark2: रक्षा क्षेत्र में भारत को मिली एक और बड़ी सफलता, देश में ही बनेंगे तेजस-मार्क 2 के इंजन

  • Edited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 20, 2023, 10:44 PM IST

Tejas Mark2: भारतीय सेना के पास एलसीए तेजस का एडवांस्ड वर्जन मार्क-1 ए विमान पहले से ही है। एयर फोर्स के पास उपलब्ध यह विमान एक फाइटर जेट है जो 2205 किमी प्रति घंटे की स्पीड से हवा में उड़ता है।

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भारत में ही बनेगा तेजस मार्क 2 का इंजन

Photo : PTI

Tejas Mark2: भारत को रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस मार्क 2 का इंजन अब देश में ही बनेगा, जिससे भारत को बड़ा फायदा होगा। भारत की एचएएल और अमेरिका की जीई भारत में संयुक्त रूप से इन इंजनों का उत्पादन करेंगे। एक साल में इस फाइटर जेट का प्रोटोटाइप तैयार होगा। वहीं चार साल बाद इसे भारतीय वायुसेना में शामिल किया जा सकत है।

डीआरडीओ ने दी जानकारी

डीआरडीओ प्रमुख डॉ. समीर वी कामत ने शनिवार को कहा कि भारत के रक्षा क्षेत्र को महत्वपूर्ण बढ़ावा देने के लिए एलसीए मार्क 2 और स्वदेशी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) के पहले दो स्क्वाड्रन के इंजनों का घरेलू स्तर पर उत्पादन किया जाएगा। डीआरडीओ प्रमुख डॉ. समीर वी ने कहा- "एलसीए मार्क 2 के इंजन और स्वदेशी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के पहले दो स्क्वाड्रन का उत्पादन अमेरिकी जीई और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा देश के भीतर एक साथ किया जाएगा। सभी मंजूरी अमेरिका से मिल चुकी है।"

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भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस (फोटो- IAF)

रात में भी कर सकेगा हमला

जानकारी के मुताबिक, भारत के इस स्वदेशी लड़ाकू विमान में नाइट विजन चश्मे से जुड़ा हुआ कॉकपिट होगा। इसका फायदा यह होगा कि रात या अंधेरे में इस फाइटर जेट से टारगेट पर हमला किया जा सकेगा।

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रात में भी कर सकेगा हमला

पुराने फ्लीट की लेंगे जगह

इसमें हैंड्स ऑन थ्रॉटल-एंड-स्टिक की व्यवस्था होगी। हैंड्स ऑन थ्रॉटल-एंड-स्टिक का मतलब है एक ही लीवर से फाइटर जेट कंट्रोल किया जाएगा और उसी से हथियार भी दागे जा सकेंगे। जानकारी के मुताबिक, तेजस-मार्क 2 के 10 स्क्वॉड्रन बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य है जगुआर, मिराज-2000 और मिग-21 फाइटर जेट्स की पुराने फ्लीट को रिप्लेस करना है।

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वायुसेना में शामिल हो चुका है तेजस

तेजस का मार्क-1 कर रहा काम

भारतीय सेना के पास एलसीए तेजस का एडवांस्ड वर्जन मार्क-1 ए विमान पहले से ही है। एयर फोर्स के पास उपलब्ध यह विमान एक फाइटर जेट है जो 2205 किमी प्रति घंटे की स्पीड से हवा में उड़ता है। यही नहीं, एयर फोर्स का यह फाइटर जेट 6 तरह की मिसाइलों को ले जाने में भी सक्षम है।

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6 तरह की मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है तेजस

वायुसेना में दे रहा सेवा

भारतीय वायुसेना ने 123 तेजस फाइटर जेट मांगे थे, जिसमें से 31 मिल चुके हैं। ये सभी तेजस मार्क -1 हैं। इसके अलावा बीते दिनों भारतीय वायु सेना को अपना पहला 2 सीटर लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट 'तेजस ट्विन सीटर' मिला है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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