UAE से भारत लाया गया नकली करेंसी मामले का आरोपी मोइदीनब्बा उमर बेरी, करता था नोटों की जालसाजी

CBI ने यूएई अधिकारियों और इंटरपोल के साथ समन्वय स्थापित करके हाई-प्रोफाइल नकली मुद्रा मामले के मुख्य आरोपी मोइदीनब्बा उमर बेरी की वापसी में सफलता प्राप्त की है। सीबीआई के अनुसार, बेरी के खिलाफ इंटरपोल ने 30 दिसंबर, 2013 को एनआईए की कोच्चि शाखा द्वारा दर्ज मामले के आधार पर रेड नोटिस जारी किया था।

Moideenabba Ummer Beary: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने यूएई अधिकारियों और इंटरपोल के साथ समन्वय स्थापित करके हाई-प्रोफाइल नकली मुद्रा मामले के मुख्य आरोपी मोइदीनब्बा उमर बेरी की वापसी में सफलता प्राप्त की है। जांच एजेंसी ने शुक्रवार को एक बयान में यह जानकारी दी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा वांछित बेरी शुक्रवार, 20 जून को संयुक्त अरब अमीरात से निर्वासित के रूप में मुंबई पहुंचा। वह दुबई से उड़ान संख्या एआई-920 के जरिए छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। सीबीआई की अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग इकाई (आईपीसीयू) ने अबू धाबी में राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (एनसीबी) के साथ मिलकर काम करते हुए बेरी को यूएई में ट्रैक किया और उसकी लोकेशन पता की। इंटरपोल चैनलों के माध्यम से व्यापक समन्वय के बाद उसे पकड़ लिया गया और निर्वासित कर दिया गया।

Moideenbba Umar Beri

आरोपी मोइदीनब्बा उमर बेरी को यूएई से लाया गया भारत

इंटरपोल ने जारी किया था बेरी के खिलाफ रेड नोटिस

सीबीआई के अनुसार, बेरी के खिलाफ इंटरपोल ने 30 दिसंबर, 2013 को एनआईए की कोच्चि शाखा द्वारा दर्ज मामले के आधार पर रेड नोटिस जारी किया था। उस पर दुबई में उच्च गुणवत्ता वाले नकली भारतीय मुद्रा नोट (एफआईसीएन) खरीदने और शारजाह के माध्यम से भारत में तस्करी करने का आरोप है, जिसकी खेप बेंगलुरु पहुंचती है। उसके खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप शामिल हैं। संयुक्त अरब अमीरात में उनकी गिरफ्तारी के बाद भारतीय अधिकारियों ने गृह मंत्रालय (एमएचए) और विदेश मंत्रालय (एमईए) के माध्यम से औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध प्रस्तुत किया। इंटरपोल रेड नोटिस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित भगोड़ों के लिए जारी किए जाते हैं तथा विश्व भर में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भेजे जाते हैं।

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