नीट पेपर लीक, जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर विपक्ष काफी आक्रमक रूख अपनाता दिख रहा है। बुधवार को राहुल गांधी-प्रियंका गांधी के नेतृत्व में एक बार फिर विपक्ष ने संसद में सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। आज विभिन्न विपक्षी दलों के सांसद विरोध स्वरूप काले कपड़े पहनकर पहुंचे और सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए 'ब्लैक डे' मनाया। इस दौरान मकर द्वार पर विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और धर्मेद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा।
संसद परिसर में विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन
संसद के अंदर विपक्षी प्रदर्शन में कौन-कौन?
इस प्रदर्शन में लगभग सभी विपक्षी पार्टी के नेता शामिल थे। कांग्रेस की ओर से जहां खुद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे थे तो वहीं सपा से खुद अखिलेश यादव प्रदर्शन में मौजूद थे। प्रियंका गांधी ने इस प्रदर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, " क्या आपको लगता है कि हमारे लोकतंत्र की रक्षा हो रही है? हमारे साथ जो हुआ, वह मायने नहीं रखता। हम छात्रों के साथ खड़े हैं और उनकी आवाज उठा रहे हैं। छात्रों के साथ जो हुआ, क्या वह सही था या गलत? वे सभी युवा छात्र हैं। वे प्रदर्शन कर रहे हैं, और यह कोई साधारण प्रदर्शन नहीं है। यह एक वास्तविक मुद्दा है, एक असली समस्या है। इस देश का हर माता-पिता यह जानता है। इस देश का हर छात्र यह जानता है। इस देश का हर शिक्षक यह जानता है। हर कोई जानता है कि यह एक वास्तविक मुद्दा है। छात्र केवल अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं... ये छात्र बहुत लगन और संघर्ष के साथ पढ़ाई करते हैं ताकि अपने लिए एक भविष्य बना सकें। आप उस भविष्य को तबाह कर रहे हैं। इस देश के युवाओं के लिए पूरा शिक्षा बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये का है। लेकिन आप अडानी जी और अंबानी जी के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर रहे हैं। किसानों को कुछ नहीं मिलता, गरीबों को कुछ नहीं मिलता, और छात्रों को कुछ नहीं मिलता।"
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "सरकार पर ऐसा क्या दबाव है कि वे मंत्री को हटा नहीं पा रहे हैं?...हम काले कपड़े पहनकर आए हैं। काला रंग विरोध का प्रतीक है; यह दुख का भी रंग है।"
सरकार पर भड़के खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, " मैंने कल ही कहा था कि यह लोकतांत्रिक सरकार नहीं है। वे तानाशाही की तरह काम कर रहे हैं। वे सांसदों का सम्मान नहीं करते। वे उन लोगों को भी परेशान करते हैं जो नियमों के मुताबिक विरोध करते हैं। BJP-RSS के स्वयंसेवक बिना बैज के पुलिस के साथ काम करते हैं। वे परोक्ष रूप से छात्रों और कांग्रेस नेताओं को डराते-धमकाते हैं...अगर आप हमारे वरिष्ठ नेताओं को दबाने की कोशिश करेंगे, तो लाखों लोग खड़े हो जाएंगे। तब आप उन्हें नियंत्रित नहीं कर पाएंगे। हम डरने वाले नहीं हैं, हम लड़ते रहेंगे। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ आपने जो किया, उस पर आपको पछतावा होगा...हम उन्हें दिखा देंगे कि कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन लड़ते रहेंगे।"
