Sajjan Kumar Death: कांग्रेस नेता सज्जन कुमार का निधन हो गया है। सज्जन कुमार को आज जब तिहाड़ जेल से सफदरजंग अस्पताल लाया गया तबतक उनकी मौत हो चुकी थी। सज्जन कुमार सिख विरोधी दंगों के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे।
सज्जन कुमार तिहाड़ जेल में थे बंद
फरवरी 2025 में राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के सरस्वती विहार इलाके में 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान जसवंत सिंह और उनके बेटे तरणदीप सिंह की हत्या के मामले में दोषी पाए गए सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। आरोप के अनुसार, सज्जन कुमार उस गैर-कानूनी भीड़ का हिस्सा थे जिसने हिंसा और घातक हथियारों का इस्तेमाल किया था। इसके परिणामस्वरूप 50 वर्षीय सरदार जसवंत सिंह और उनके 18 वर्षीय बेटे सरदार तरणदीप सिंह की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई थी। तब से सज्जन कुमार तिहाड़ जेल में बंद थे।
सुल्तानपुरी हत्याकांड सज्जन कुमार हो गए थे बरी
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े सुल्तानपुरी मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को दोषमुक्त करार दिया है। सुल्तानपुरी इलाके में हुए इस दंगे में छह लोगों की जान गई थी। इस मामले में सीबीआई की अहम गवाह चाम कौर ने आरोप लगाया था कि सज्जन कुमार दंगाई भीड़ को भड़का रहे थे। जुलाई 2010 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने इस हत्याकांड में सज्जन कुमार के साथ ब्रह्मानंद, पेरु, कुशल सिंह और वेद प्रकाश के खिलाफ आरोप तय किए थे। लगभग 13 साल तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने सज्जन कुमार को इन सभी आरोपों से बरी कर दिया।
जनकपुरी और विकासपुरी हिंसा में भी हुए थे बरी
1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान जनकपुरी और विकासपुरी हिंसा मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार बरी हो गए थे। इससे पहले अगस्त 2023 में अदालत ने सज्जन कुमार पर दंगा भड़काने और शत्रुता फैलाने के आरोप तय किए थे, जबकि हत्या और आपराधिक साजिश के आरोपों से उन्हें मुक्त कर दिया था। यह मामला एसआईटी (SIT) द्वारा 2015 में दर्ज दो एफआईआर (FIR) से जुड़ा था, जो जनकपुरी में सोहन सिंह व उनके दामाद अवतार सिंह और विकासपुरी में गुरचरण सिंह की हत्या से संबंधित थीं।
