Ram Mandir Donation Theft Row: कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इस मामले में दोनों की चुप्पी करोड़ों लोगों की आस्था के साथ विश्वासघात है।खेड़ा ने ट्रस्ट के कामकाज पर सवाल उठाते हुए अयोध्या में राम मंदिर के लिए एकत्र किए गए चंदे के कथित दुरुपयोग को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा (फाइल फोटो)
'SC की निगरानी में हो न्यायिक जांच'
खेड़ा ने जम्मू में संवाददाताओं से कहा, ''इस पूरे मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच होनी चाहिए। यह पता लगाया जाना चाहिए कि इस कथित लूट की साजिश किसने रची और वर्षों तक यह किसके संरक्षण में चलती रही।'' उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की भी मांग की। खेड़ा ने कहा, ''मौजूदा ट्रस्ट को भंग कर उसमें धर्माचार्यों, प्रतिष्ठित नागरिकों, प्रशासनिक विशेषज्ञों और स्वतंत्र सदस्यों को शामिल करते हुए,उसका नए सिरे से गठन किया जाना चाहिए, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।''
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला और मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा की मौजूदगी में खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर भाजपा या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला केवल वित्तीय घोटाले का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात का है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के नाम पर देशभर के लोगों द्वारा दिए गए दान के उपयोग में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए।
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खेड़ा ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे ट्रस्ट के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।उन्होंने अन्य पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाया और आरोप लगाया कि जवाबदेही केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित रखी गई, जबकि वरिष्ठ पदाधिकारी कार्रवाई से बच गए हैं।
