NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। साथ ही उन्होंने वर्तमान परीक्षा प्रणाली और नीतियों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर बच्चों के भविष्य के लिए कौन जिम्मेदार है?
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत (फोटो साभार: @harishrawatcmuk)
क्या कुछ बोले हरीश रावत?
हरीश रावत ने राहुल गांधी की मांग को सही ठहराते हुए कहा कि ज्यादातर भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक के मामले हो रहे हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में हरीश रावत ने कहा, ''राहुल गांधी ने जो कहा, वह बिल्कुल ठीक है। यह मांग पूरे देश में उठाई जा रही है और यह कई अभिभावकों की भावनाओं को दर्शाती है।''
उन्होंने आगे कहा कि नीट पेपर लीक की घटना पहली बार नहीं हुई है। ऐसी घटनाएं बार-बार होती रही हैं और ज्यादातर भाजपा शासित राज्यों में हुई हैं। उन्होंने वर्तमान परीक्षा प्रणाली और नीतियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि परीक्षा नीति की समीक्षा और उसमें मौजूद कमियों की पहचान करने की ज़रूरत है। उन्होंने सवाल किया कि बच्चों के भविष्य के लिए कौन जिम्मेदार होगा?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
हरीश रावत ने भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और इसे जायज करार दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और छात्रों को यह भरोसा दिलाना चाहिए कि भविष्य में होने वाली परीक्षाएं पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी होगी।
मोदी सरकार पर राहुल गांधी भी बरसे
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद वह उन्हें (प्रधान को) बर्खास्त क्यों नहीं कर रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में, इस मामले पर प्रधानमंत्री की ''चुप्पी'' को लेकर भी सवाल उठाया।गांधी ने कहा, ''नीट 2024: पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द नहीं हुई। मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। सीबीआई ने जांच शुरू की। एक समिति गठित की गई।''
