किसान ट्रस्ट द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की स्मृति में 'चौधरी चरण सिंह अवार्ड्स 2025 (द्वितीय संस्करण)' का आयोजन नई दिल्ली में हुआ। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री जयंत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरे साथी जयंत चौधरी में मुझे आदरणीय चौधरी चरण सिंह जी जैसी सादगी दिखाई देती है। आज चौधरी साहब के नाम के इस समारोह में मैं बड़ा आदमी बनकर नहीं, बल्कि चौधरी साहब के चरणों में विनम्रता से प्रणाम करने आया हूं। चौधरी साहब को गांव-गरीब-किसान अपनी उम्मीद के रूप में देखते थे। चौधरी साहब ने भी गांव-गरीब-किसान के उत्थान में कोई कसर नहीं छोड़ी।
चौधरी साहब की राजनीतिक जीवटता को याद करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि, ''जिस समय पंडित जवाहर लाल नेहरू के खिलाफ बोलने का कोई साहस नहीं करते थे, तब चौधरी साहब ने उनके सहकारी खेती के विदेशी सिद्धांत का जमकर विरोध किया। गांधीवादी विचारधारा से प्रेरित चौधरी साहब ने हिंडन नदी के किनारे जाकर नमक तोड़ा, जमींदारी प्रथा का उन्मूलन करके किसान को जमीन का मालिक बनाया, किसानों के हित में किसी के दबाव में झुके नहीं और एक कलम से लेखपाल का पद सृजित करके किसानों को ताकत दी।”
उन्होंने कहा, ''आज जिस पीएम मोदी जी के नेतृत्व में जो NDA देश पर राज कर रहा है, उसका बीज चौधरी चरण सिंह जी ने ही बोया था। चौधरी साहब के विचारों से प्रेरणा लेकर ही हमने VB G RAM G में 100 के बजाय 125 दिन के रोजगार का प्रावधान किया और इससे गांव की तस्वीर बदलने वाले काम होंगे। हमने किसानों की आवाज सुनकर ही खेती के सीजन में इस योजना को बंद रखने का निर्णय लिया है और अब जाकर ये योजना मजदूरों एवं किसान दोनों के कल्याण के लायक बनी है। हमने स्पष्ट संकल्प लिया है कि हम किसानों के साथ बेईमानी नहीं होने देंगे।''
जयंत चौधरी ने कहा कि जब किसान दिल्ली आते हैं तो दिल्ली हिलाने आते हैं, मगर आज का दिन इस मायने में अलग है कि आज किसान चौधरी साहब की स्मृति में पुरस्कार देने दिल्ली आए थे और कृषि मंत्री शिवराज सिंह जी के हाथों इन पुरस्कारों का वितरण सभी विजेताओं के लिए गौरवशाली पल है।”
