Champai Soren : झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन ने शुक्रवार को राज्य के नए सीएम के रूप में शपथ ली। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने चंपई को राजभवन में सीएम पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह शपथ ग्रहण दो दिन पहले हेमंत सोरेन द्वारा सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद हुआ है। जमीन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया है। चंपई के अलावा कांग्रेस के आलमगीर आलम, आरजेडी के सत्यानंद भोकटा को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
सीएम पद का शपथ ग्रहण करते चंपई सोरेन।
चंपई को करना है फ्लोर टेस्ट का सामना
चंपई को अभी बहुमत परीक्षण से गुजरना है। उन्हें 10 दिनों के भीतर फ्लोर टेस्ट अपना बहुमत साबित करना है। जेएमएम का दावा है कि उसके पास 43 विधायकों का समर्थन है।
67 साल के चंपई के सामने कई चुनौतियां
हेमंत के इस्तीफे के बाद झारखंड में राजनीतिक संकट गहराने लगा था। जेएमएम ने चंपई को विधायक दल का नेता तो चुन लिया था लेकिन सीएम पद के शपथ ग्रहण में हो रही देरी से कई तरह की अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं। हालांकि, शपथ ग्रहण के बाद यह सस्पेंस खत्म हो गया है। 67 साल के चंपई के सामने आगे कई तरह की राजनीतिक चुनौतियां हैं।
हेमंत सरकार में परिवहन मंत्री थे चंपई
चंपई छह बार के विधायक हैं और वह हेमंत सोरेन सरकार में परिवहन मंत्री थे। सीएम पद की दौड़ में हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन का नाम सबसे आगे था लेकिन विधायक दल की बैठक में चंपई का नाम सामने आया। कल्पना के पास कोई प्रशासनिक एवं चुनावी अनुभव न होना चंपई के पक्ष में गया।
‘हम एकजुट हैं'
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रमुख राजेश ठाकुर ने कहा कि चंपई सोरेन को अपनी सरकार का बहुमत साबित करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। कांग्रेस राज्य में झामुमो-नीत गठबंधन की सहयोगी पार्टी है। इससे पहले चंपई सोरेन ने कहा था, ‘हम एकजुट हैं। हमारा गठबंधन मजबूत है, इसे कोई तोड़ नहीं सकता।’
