दिल्ली : देश में बैठकर विदेशियों को चूना लगाने वाले सिंडीकेट के खिलाफ जांच एजेंसियां ऑपरेशन चला रही हैं। इसी के तहत 28 मई को ऑपरेशन चक्र-5 को चलाते हुए सीबीआई ने 19 लोकेशन दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में सर्च ऑपरेशन चलाते हुए ऐसे 6 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए 2 अवैध कॉल सेंटर्स में छापेमारी की, जहां से जैपनीज सिटीजन को टारगेट करके साइबर क्राइम का शिकार बनाया जा रहा था। सीबीआई ने एक इनपुट के बाद एक रेगुलर केस दर्ज किया था, सीबीआई को इनपुट्स मिल रहे थे कि एक साइबर क्रिमिनल्स का सिंडिकेट खासतौर पर जैपनीज नेशनल्स को टारगेट कर रहा है, जिसमें साइबर क्रिमिनल्स, कॉल सेंटर्स औपरेटिव्स खुद को अलग अलग मल्टीनेशनल्स कोर्पोरेशन्स के टेक्निकल स्पोर्ट पर्सनल बनकर कॉल करते थे।
माइक्रोसॉफ्ट और अलग अलग कंपनी के नाम से उनके जैसे टेक्निकल ऑपरेटिव्स बनकर कॉल करते थे और जैपनीज लोग इनपर भरोसा कर लेते थे, जिसके बाद साइबर क्रिमिनल्स विदेशियों के इलेक्ट्रॉनिक गजेट्स को हैक कर लिया करते थे और कहते थे उनके सिस्टम हैक है। लिहाजा, इसको सही करने के बदले में मोटी रकम खर्च करनी होगी। सीबीआई ने नेशनल पुलिस एजेंसी जापान और माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर काम किया और फिर इन कॉल सेंटर्स और इनके ऑपरेटिव्स की पहचान करके छापेमारी की।
पकड़े गए आरोपियों के नाम
- आशु, दिल्ली
- कपिल गाखर, पानीपत
- रोहित मौर्या, अयोध्या
- शुभम जैसवाल, वाराणसी
- विवेक राज, वाराणसी
- आदर्श कुमार, वाराणसी
इन 6 कॉल सेंटर्स ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान सीबीआई ने डिजिटल और फिजिकल सबूत जब्त किए, जिससे पता लगता है बड़े पैमाने पर ये स्कैम चलाया जा रहा था।
