बीएसएफ ने कहा पंजाब में बाढ़ की आपदा का पाकिस्तान ने उठाया फायदा सीमपार से भेजे हथियार और ड्रग्स, बाढ़ से एक तिहाई फेंसिंग टूट गई थी

सतीश खंडारे ने बताया कि फिलहाल बॉर्डर पर ड्रोन बीएसएफ के लिए बड़ी चुनौती हैं। 2019 में पहला डॉन बॉर्डर पर देखा गया था लेकिन बीते 5 सालों में ड्रोन का पैटर्न काफी बदल गया है ज्यादा मात्रा में आ रहे हैं लेकिन इनका आकार छोटा हो गया है। 5 साल से ड्रोन का सिलसिला शुरू हुआ है पहले ड्रोन बड़े होते थे।

पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ की आपदा के दौरान पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने इसका जमकर फायदा उठाया था। दरअसल बाढ़ के चलते भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कई जगह से फेंसिंग टूट गई थी । फेंसिंग टूट जाने से यहां पर बीएसएफ के द्वारा निगरानी करना मुश्किल हो गया था, इसका फायदा उठाकर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने बड़ी मात्रा में हथियार और ड्रग्स सीमा पार से पंजाब में भेजे थे। बीएसएफ के एडीजी सतीश खंडारे ने माना कि बाढ़ के दौरान कई जगह फेंसिंग टूट गई थी और राष्ट्र विरोधी तत्वों न इसका फायदा उठाकर हथियार और ड्रग्स बॉर्डर पार से भेजे थे। पंजाब पुलिस के साथ मिलकर हमने ऑपरेशन भी चलाया था और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए थे। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान 1 तिहाई फेंसिंग पंजाब बॉर्डर पर टूट गई थी । बॉर्डर पर वाटर लॉगिंग थी फेंसिंग पानी में डूब गई थी इसलिए इसका फायदा पाकिस्तान की तरफ से उठाने की कोशिश की।

बीएसएफ ने कहा पंजाब में बाढ़ की आपदा का पाकिस्तान ने उठाया फायदा सीमपार से भेजे हथियार और ड्रग्स, बाढ़ से एक तिहाई फेंसिंग टूट गई थी

सतीश खंडारे ने बताया कि फिलहाल बॉर्डर पर ड्रोन बीएसएफ के लिए बड़ी चुनौती हैं। 2019 में पहला डॉन बॉर्डर पर देखा गया था लेकिन बीते 5 सालों में ड्रोन का पैटर्न काफी बदल गया है ज्यादा मात्रा में आ रहे हैं लेकिन इनका आकार छोटा हो गया है। 5 साल से ड्रोन का सिलसिला शुरू हुआ है पहले ड्रोन बड़े होते थे लेकिन अब ड्रोन का साइज छोटा हो गया है एक ड्रोन में 500 ग्राम का पैकेट या एक गन लेकर आते हैं लेकिन ऐसा नहीं कि बड़े ड्रोन आने बंद ही गए हैं बड़े ड्रोन भी आ रहे हैं लेकिन उनकी संख्या कम है। इस साल हमने कुल 278 ड्रोन पाकिस्तान बॉर्डर पर मार गिराए हैं।

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