Uttarakhand glacier burst: उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से तबाही,बचाव कार्य जारी,CM ने कहा-स्थिति नियंत्रण में
Uttarakhand glacier burst: उत्तराखंड के चमोली जिले में हुए ग्लेशियर से भारी तबाही मची है। सैकड़ों लोग अभी भी फंसे हुए हैं, जबकि कई को बचाया गया है। इस त्रासदी में कई मौतों की आशंका है।
उत्तराखंड के चमोली जिले की ऋषिगंगा घाटी में ग्लेशियर के टूटने से अलकनंदा और इसकी सहायक नदियों में अचानक आई विकराल बाढ़ के कारण हिमालय की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी तबाही मची है। इस त्रासदी में कई लोगों के मरने की आशंका है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और ITBP के जवान राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि लगभग 125 लोग लापता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने 4 बार मुख्यमंत्री से बात की है।
नदी का जलस्तर बढ़ा
गोपेश्वर में नदी का जल स्तर बढ़ रहा है, आसपास के लोगों को सतर्क किया जा रहा है। वहीं राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए अन्य एजेंसियों के साथ सेना और भारतीय वायुसेना की टीमें भी जुट गई हैं। सेना ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए करीब 400 सैनिक और दो मेडिकल टीमें भेजी हैं।
रात में भी जारी है बचाव कार्य
हमारे जवान रात में भी बचाव कार्यों में लगे हैं। SDRF, सेना एवं ITBP के जवान आपदा से उपजे हालात पर लगातार नज़र बनाए रखे हुए हैं और सभी ज़रूरी एहतियात बरत रहे हैं । स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और बचाव कार्य अभी भी चल रहे हैं। #Uttarakhand pic.twitter.com/m0E8fyW3OK
— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) February 7, 2021
दूसरी सुरंग में फंसे हैं 30 लोग
ITBP के PRO विवेक पांडे ने बताया, 'अब हम दूसरी सुरंग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो कि सुरंग नंबर एक है। हमें पता चला है कि लगभग 30 लोग वहां फंसे हुए हैं। हम रात में भी ऑपरेशन करेंगे। हमारी टीमें पहले से ही काम पर हैं और हमें उम्मीद है कि हम उन्हें बचा पाएंगे।'
नौसेना की सात गोताखोर टीमें स्टैंडबाय पर
भारतीय नौसेना की सात गोताखोर टीमें रविवार को उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यो के लिए स्टैंडबाय पर हैं। भारतीय सेना को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान चलाने के लिए राहत कार्यो में लगाया गया है। जवानों को धौलीगंगा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की ओर भेजा गया है, जहां बड़े पैमाने पर बाढ़ आई थी। सेना के एविएशन विंग को भी हवाई सर्वेक्षण करने और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए सेवा में लगाया गया है। भारतीय वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'भारतीय वायु सेना के सी-130 और एएन-32 विमान का इस्तेमाल राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों को एयरलिफ्ट करने के लिए किया जा रहा है।'
मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद
उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, 'राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की वित्तीय सहायता देगी। चमोली आपदा में सवा सौ के आसपास लोग लापता हो सकते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया, उन्होंने दो बार फोन किया। मुझे गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का भी फोन आया। भारतीय सेना मौके पर पहुंच गई है, एनडीआरएफ की एक टीम जो देहरादून पहुंची है, वह चमोली जा रही है। डॉक्टरों ने वहां कैंप लगा दिए हैं। उपकरण के साथ 60 एसडीआरएफ कर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंच गई है। अपनी 180 भेड़ और बकरियों के साथ चरवाहों सहित पांच स्थानीय लोग बाढ़ में बह गए।'
पीएम मोदी ने जारी की मदद
पीएमओ ने जानकारी दी, 'पीएम नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के चमोली में एक ग्लेशियर के टूटने से हुए दुखद हिमस्खलन के कारण जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए PMNRF से 2 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50,000 रुपए की मदद जारी की है।'
वापस देहरादून लौटे सीएम रावत
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, 'मैं अभी-अभी रेणी गांव की स्थिति की समीक्षा करने के बाद देहरादून वापस पहुंचा हूं। आपदा प्रबंधन टीम एवं सेना और आईटीबीपी के अधिकारियों से मीटिंग के पश्चात, मैं शीघ्र ही प्रेस से मिलूंगा और स्थिति पर सभी को अपडेट करूंगा।'
उत्तराखंड में भीषण त्रासदी हुई: योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश CM योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से भीषण त्रासदी हुई है। पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी संवेदना है। अलकनंदा गंगा की सहायक नदी है और उत्तर प्रदेश के अंदर गंगा लगभग 1,000 किलोमीटर का रास्ता तय करती है। हमने अपने जल शक्ति विभाग को अलर्ट कर दिया है।'
राहत एवं बचाव कार्य जारी
जोशीमठ में 30 बेड का अस्पताल बनाया गया है। सीएमओ चमोली ने तपोवन में मेडिकल टीम का निरीक्षण किया। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज एम्स ऋषिकेश और जॉली ग्रांट अस्पताल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बचाव और राहत कार्य जारी। हताहतों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ITBP ने उन सभी 16 लोगों को बचाया जो तपोवन के पास सुरंग में फंसे थे।
नजर बनाए हुए हैं पीएम मोदी
पश्चिम बंगाल के हल्दिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'उत्तराखंड आपदा का सामना कर रहा है। मैं राज्य के सीएम त्रिवेंद्र रावत जी, केंद्रीय गृह मंत्री और एनडीआरएफ अधिकारियों के संपर्क में हूं। बचाव अभियान चल रहा है।'
सुरंग में फंसे लोग
आईटीबीपी के जवान चमोली के तपोवन बांध के पास सुरंग में फंसे 16-17 लोगों को बचाने के लिए पहुंचे।
#WATCH| Uttarakhand: ITBP personnel approach the tunnel near Tapovan dam in Chamoli to rescue 16-17 people who are trapped.
— ANI (@ANI) February 7, 2021
(Video Source: ITBP) pic.twitter.com/DZ09zaubhz
मुख्यमंत्री ने दी जानकारी
कर्णप्रयाग में आज 3 बज कर 10 मिनट पर नदी में पानी की बहाव की स्थिति से साफ है कि बाढ़ की सम्भावना बहुत ही कम है। हमारा विशेष ध्यान सुरंगों में फँसे श्रमिकों को बचाने में है और हम सभी प्रयास कर रहे हैं। किसी भी समस्या से निपटने के सभी ज़रूरी प्रयास कर लिए गये हैं।
कर्णप्रयाग में आज ३ बज कर १० मिनट पर नदी में पानी की बहाव की स्थिति से साफ़ है कि बाढ़ की सम्भावना बहुत ही कम है। हमारा विशेष ध्यान सुरंगों में फँसे श्रमिकों को बचाने में है और हम सभी प्रयास कर रहे हैं। किसी भी समस्या से निपटने के सभी ज़रूरी प्रयास कर लिए गये हैं। #Uttarakhand pic.twitter.com/MrEjW4de05
— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) February 7, 2021
ऊर्जा संयंत्र पूरी तरह से बह गया
उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि तपोवन-रैणी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा परियोजना में काम करने वाले करीब 50-100 कर्मी लापता हैं। तपोवन-रैणी स्थित ऊर्जा संयंत्र पूरी तरह से बह गया है। राज्य के पुलिस प्रमुख ने कहा, 'अब स्थिति नियंत्रण में है। श्रीनगर में एक बांध है जिसने पानी के तेज प्रवाह को नियंत्रित कर लिया है। ऊर्जा संयंत्र को नुकसान पहुंचा है।'
9-10 शव बरामद
आईटीबीपी महानिदेशक एसएस देसवाल ने बताया, 'उत्तराखंड में तपोवन बांध के पास एक निर्माणाधीन सुरंग थी जहां लगभग 20 मजदूर फंसे हुए हैं। घटनास्थल पर तैनात ITBP की टीम बचाव अभियान चला रही है। हम लापता लोगों की जानकारी जुटाने के लिए एनटीपीसी के प्रबंधन दल के संपर्क में हैं। यह संदेह है कि साइट पर लगभग 100 कार्यकर्ता थे। जिनमें से 9-10 शव नदी से बरामद किए गए हैं। सर्च ऑपरेशन चल रहा है। जल्द ही पहुंचने के लिए भारतीय सेना की टीम, 250 आईटीबीपी के जवान मौजूद हैं।'
150 से अधिक मौत की आशंका
आईटीबीपी के प्रवक्ता ने उत्तराखंड त्रासदी पर कहा, 'तपोवन ऊर्जा संयंत्र के परियोजना स्थल प्रभारी के मुताबिक 150 से अधिक श्रमिकों की मौत की आशंका है, अब तक तीन शव मिले हैं। रैणी गांव के निकट एक पुल ढहने के कारण कुछ सीमा चौकियों पर संपर्क पूरी तरह टूट गया है:'
BRO पुल बहा
जोशीमठ क्षेत्र से आगे मलारी के पास एक सीमा सड़क संगठन पुल बाढ़ से बह गया है। महानिदेशक बीआरओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने अधिकारियों को जल्द से जल्द इसे बहाल करने का निर्देश दिया है। आवश्यक दुकानों और कर्मियों को स्थान पर ले जाया जा रहा है।

