Parliament Winter Session: लोकसभा में गतिरोध टूटा, हुआ था जबरदस्त हंगामा
शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन हंगामे के बाद लोकसभा अध्यक्ष के प्रयास से गतिरोध खत्म हुआ। विपक्ष का तरफ से उसका ट्रेलर 29 नवंबर को दिखाया जा चुका है। विपक्ष का कहना है कि सराकर बोलने की आजादी पर रोक लगा रही है। सरकार एक तरफ कहती है कि सभी विषयों पर संवाद होना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
सोमवार को जब सत्र की शुरुआत हुई तो निलंबित सांसदों की सजा को बहाल रखा गया। सभापति के इस फैसले का विपक्षी दलों ने जबरदस्त विरोध किया। इसके साथ ही कृषि कानून वापसी बिल को जिस तरह से सरकार ने दोनों सदनों में पारित कराया उस प्रक्रिया पर भी विपक्ष को ऐतराज है। विपक्षी दलों का कहना है कि जब सर्वदलीय बैठक में तय हुआ था कि कृषि बिल पर विस्तार से चर्चा के बाद आगे बढ़ा जाएगा तो इतना जल्दबाजी में पारित क्यों कराया गया। लेकिन सरकार की तरफ से बयान आया कि उस विषय पर पहले ही चर्चा कराई जा चुकी है। जहां तक विपक्षी दलों के हंगामे का सवाल है तो वो उनकी फितरत बन चुकी है।
जाति-वार जनगणना पर बोले गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय
लोकसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि भारत सरकार ने आजादी के बाद से जनगणना में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अलावा अन्य जाति-वार आबादी की गणना नहीं की है। जनगणना अनुसूची केंद्रीय मंत्रालयों सहित विभिन्न हितधारकों के परामर्श से तैयार की गई है।
विदर्भ राज्य बनाने को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं- गृह राज्य मंत्री
महाराष्ट्र से अलग विदर्भ राज्य बनाने को लेकर लोकसभा में गृह राज्य मंत्री ने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है।
असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर हमले में 7 की गई जान- गृह राज्य मंत्री
लोकसभा में गृह राज्य मंत्री ने कहा कि मणिपुर में हालिया घटना के संबंध में, संदिग्ध विद्रोहियों ने 13 नवंबर को चुराचांदपुर में भारत-म्यांमार सीमा पर असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें 5 असम राइफल्स कर्मियों और 2 नागरिकों सहित 7 लोगों की जान चली गई। असम राइफल्स के 6 जवान घायल हो गए।
लोकसभा अध्यक्ष के प्रयास से गतिरोध टूटा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयास के बाद गतिरोध टूटा है। All Party Meeting में फैसला लिया गया। विपक्ष भी सदन के कार्यवाही में व्यवधान नहीं डालेगा।बैठक में अधीर रंजन चौधरी, टी आर बालू, सौगत रॉय, कल्याण बनर्जी, सुप्रिया सुले रहे मौजूदपीवी मिधुन रेड्डी, नमा नागेश्वर राव, अनुभव मोहंती, पिनाकी मिश्रा, जयदेव गल्ला भीएन के प्रेमचंद्रन, गौरव ग़ोगोई रितेश पांडे भी बैठक में मौजूद थे।
टीएमसी के दोनों निलंबित सांसद 23 दिसंबर तक देंगे धरना
टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा किहमारे दोनों सांसद कल सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक 23 दिसंबर तक संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने बैठेंगे. हम अपने सांसदों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए अन्य सांसदों को भी आमंत्रित करेंगे।
निलंबन के मुद्दे पर सभापति से मिले 8 विपक्षी दल-सूत्र
सूत्रों के मुताबिक मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्षी दल के आठ नेताओं ने राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की और उनसे 12 सांसदों के निलंबन को रद्द करने पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया। सभापति नायडू ने उनसे कहा कि सदन के निलंबित सदस्यों से माफी मांगे बिना यह संभव नहीं है।
12 सांसदों के निलंबन के विरोध में कांग्रेस का धरना
आखिर माफी किस बात की-राहुल गांधी
राज्यसभा के 12 सांसदों के निलंबन वापसी से राज्यसभापति ने सीधे तौर पर इनकार कर दिया। उन्होंने कहा था कि फैसला नियमों के तहत ही था। इस पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का कहना है कि आखिर माफी किस बात की
देश में फिलहाल ओमिक्रॉन का एक भी केस नहीं- स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि भारत में अब तक COVID19 वैरिएंट #Omicron का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। सरकार इससे उत्पन्न होने वाले खतरे को लेकर सचेत है।
लोकसभा 2 बजे तक के लिए स्थगित
मंगलवार को लोक सभा की कार्यवाही शुरू होते ही विरोधी दलों ने राज्य सभा सांसदों के निलंबन के मसले पर हंगामा करना शुरू कर दिया।हंगामे के बीच स्पीकर ने प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हंगामा करने वाले सांसदों पर नाराजगी जताते हुए सांसदों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। लेकिन विरोधी दलों का हंगामा जारी रहा और इसे देखते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।सदन स्थगित होने के बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राज्य सभा सांसदों के निलंबन के खिलाफ कांग्रेस और अन्य विरोधी दलों ने लोकसभा से वाकआउट किया है।
कांग्रेस सांसदों ने राज्यसभा का बहिष्कार किया
राज्यसभा सभापति के फैसले के बाद कांग्रेस सांसदों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया है, हालांकि टीएमसी के सांसद सदन में मौजूद हैं। शिवसेना और आप के सांसदों ने भी बहिष्कार किया है।
12 सांसदों का फैसला नियम मुताबिक- सभापति राज्यसभा
12 सांसदों के निलंबन पर सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि निलंबन का फैसला नियमों के तहत हुआ। आप 10 अगस्त के रिकॉर्ड को देख सकते हैं, उस समय डिप्टी चेयरमैन की तरफ से बार बार अपील यहां तक की नाम लेकर अपील की गई। लेकिन उसे संज्ञान में नहीं लिया।
सांसदों का निलंबन नियम मुताबिक नहीं- मल्लिकार्जुन खड़गे
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सांसदों का निलंबन नियम मुताबिक नहीं है। सांसदों का बोलने की आजादी नहीं है। नियमों का उल्लंघन किया गया है। उन्होंने कहा कि सभापति से अपील है कि वो निलंबन को वापस लें।
12 राज्यसभा सांसदों का निलंबन वापस नहीं तो सदन का बहिष्कार- विपक्ष
12 सांसदों के निलंबन मुद्दे पर विपक्षी दलों की बैठक हुई। बैठक के बाद विपक्ष ने फैसला किया है कि अगर सांसदों का निलंबन वापस नहीं होगा तो वो सदन का बहिष्कार करेंगे। बैठक से पहले ही कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्ष के इरादे को साफ कर दिया थाष।
एमएसपी पर बहस के लिए दीपेंद्र हुड्डा ने दिया नोटिस
राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने 'विरोध के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और सहायता पर चर्चा' की मांग करते हुए बिजनेस नोटिस को स्थगित कर दिया।
मनीष तिवारी ने दिया स्थगन प्रस्ताव
किसानों के मुद्दे पर लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने स्थगन प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की जान आंदोलन के दौरान गई है उनके परिजनों को मुआवजा मिलना चाहिए।
लोकसभा में भी हो सकता है हंगामा
संसद को दोनों सदनों से कृषि कानून वापसी बिल को पारित कर दिया गया है। लेकिन विपक्ष का कहना है कि सरकार ने इस विषय पर चर्चा नहीं कराई है। सत्ता पक्ष, विपक्षी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहा है।
राज्यसभा में हंगामा के आसार
राज्यसभा में निलंबित सांसदों के मुद्दे पर हंगामा हो सकता है। सदन की कार्यवाही से पहले विपक्षी दलों की इस मुद्दे पर बैठक होने वाली है। बता दें कि मानसून सत्र के दौरान 12 विपक्षी सांसदों के उग्र बर्ताव के बाद उन्हें निलंबित करने का फैसला किया गया था।
सदन का कार्यवाही का दूसरा दिन
संसद के शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है। पहले दिन की कार्यवाही में विपक्षी सांसदों द्वारा हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही आज तक के लिए स्थगित की गई थी।

