नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस पर दिए गए बयान को लेकर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा ने कहा कि पीएम मोदी के प्रति संस्कारहीन, अश्लील और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो साभार: @INCIndia)
दरअसल, राहुल गांधी ने नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में रचनात्मक कांग्रेस प्रकोष्ठ अधिवेशन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी की विदेश नीति पर निशाना साधा। इसके बाद, भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि उनकी भाषा नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद की गरिमा के बिल्कुल विपरीत है।
राहुल गांधी पर बरसीं बांसुरी स्वराज
बांसुरी स्वराज ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आज जिस प्रकार की संस्कारहीन, अश्लील और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, वह नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद की गरिमा के बिल्कुल विपरीत है। देश को ऐसे नेता प्रतिपक्ष की आवश्यकता है, जो सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाए, न कि सोशल मीडिया के मीम और रील्स के लिए सस्ती बयानबाजी करे। 56 वर्ष की उम्र में भी राहुल गांधी का यह बचकाना और निम्नस्तरीय आचरण दुर्भाग्यपूर्ण है।''
उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी की कूटनीति और आर्थिक नेतृत्व का परिणाम है कि भारत ने 9 एफटीए के माध्यम से 38 देशों के साथ आर्थिक संबंधों को नई मजबूती दी है, जिससे भारत के आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम उठा है। एक तरफ पीएम मोदी का वैश्विक नेतृत्व, आर्थिक समझ और विकसित भारत का विजन है; दूसरी तरफ राहुल गांधी की मीम, मिमिक्री और अभद्र बयानबाज़ी।
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'PM के लिए गले मिलना ही विदेश नीति'
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके दिमाग में यह बात घर कर गई है कि गले मिलना ही विदेश नीति है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष की लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक प्रधानमंत्री मोदी इस्तीफा नहीं देते और गृह मंत्री अमित शाह पद से नहीं हटते। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई 'मोहब्बत से' लड़ी जाएगी, 'नफरत से नहीं'।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश में अब तक बहुत से लोग भाजपा-आरएसएस के सामने ''डरपोक'' की तरह व्यवहार करते रहे हैं, जबकि मुकाबला ऐसे लोगों से है जिन्हें देश के दर्शन या इतिहास की कोई समझ नहीं है।
