Who was Bhairon Singh Rathore: भैरों सिंह राठौड़ नहीं रहे। सोमवार (19 दिसंबर, 2022) को उन्होंने अंतिम सांस ली। वह 81 साल के थे और बीते कुछ वक्त से बीमार चल रहे थे। उन्हें चेस्ट पेन (सीने में दर्द) और बुखार की समस्या हुई थी। आनन-फानन इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था।
भैरो सिंह राठौर बीमार थे। राजस्थान के जोधपुर स्थित एम्स अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। (फाइल)
सेना मेडल से सम्मानित सिंह के शौर्य और साहस को सूबे से लेकर देश ने जाना और माना था। कुछ समय पहले पीएम मोदी ने उनसे फोन पर बातचीत की थी। राठौर भारत और पाकिस्तान के बीच लोंगेवाला में हुई जंग (1971) के योद्धा भी थे और हीरो भी। रोचक बात है कि उन्होंने अकेले अपने दम पर तब 30 जवानों को ढेर कर दिया था।
बहादुरी के लिए उन्हें साल 1972 में सेना की ओर से मेडल भी दिया गया था। यही नहीं, उन्हें अपनी वीरता के लिए और सम्मान व पुरस्कार दिए गए थे। आज भी जब बीएसएफ का रिकॉर्ड देखा जाता है, तो साफ पता चलता है कि उस वक्त उनके सामने करो या मरो की स्थिति वाला संकल्प था।
वह न केवल इस अप्रोच की वजह से सेना बल्कि देश के युवाओं और नौजवानों के बीच भी बड़ी प्रेरणास्रोत के रूप में उभरे थे। रियल लाइफ के अलावा उनका किरदार और पहचान रील लाइफ में भी हीरो जैसी थी। दरअसल, बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने फिल्म बॉर्डर में उनका किरदार निभाया था।
