Ram Mandir Donation Row: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में मिले दान (चंदे) में कथित हेराफेरी और घोटाले का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस पूरे विवाद पर राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद राजीव शुक्ला ने रविवार को इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court Monitored Investigation)की एक विशेष समिति का गठन किया जाना चाहिए, ताकि सच सबके सामने आ सके।
मीडिया से बातचीत के दौरान राजीव शुक्ला ने दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) जैसे संगठनों ने भी यह स्वीकार कर लिया है कि चंदे के प्रबंधन में अनियमितताएं और गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने कहा कि जब खुद ये संगठन इस बात से इनकार नहीं कर रहे हैं, तो अब सबसे जरूरी काम यह है कि तथ्यों को पूरी तरह से उजागर किया जाए।
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देश के करोड़ों राम भक्तों की आस्था को गहरी ठेस-कांग्रेस सांसद
राजीव शुक्ला (Rajeev Shukla) ने जोर देकर कहा कि इस घोटाले में शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और ऐसे कड़े कदम उठाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में आस्था के नाम पर ऐसी चोरी दोबारा न हो सके। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि इस घटना से देश के करोड़ों राम भक्तों की आस्था को गहरी ठेस पहुंची है। गौरतलब है कि यह पूरा विवाद 25 जून को दर्ज हुई एक एफआईआर के बाद सामने आया था, जिसमें राम मंदिर में आने वाले दान में करीब 7 से 7.5 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाया गया है।
सभी आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराओं के तहत अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय (Champat Rai) और ट्रस्टी अनिल मिश्रा पहले ही अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं।
पुलिस इस मामले में चंपत राय का बयान भी दर्ज कर चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का कार्यकाल 15 दिनों के लिए और बढ़ा दिया है ताकि जांच का दायरा बढ़ाकर सभी दोषियों को बेनकाब किया जा सके।
