Himanta Biswa Sarma: आतंकवाद में पाकिस्तान की संलिप्तता उजागर करने के लिए भारत सरकार दुनिया के बडे़ देशों में अपना सर्वदलीय शिष्टमंडल भेजने जा रही है। इसके लिए विपक्ष के नेताओं ने अपने नेताओं के नाम सरकार को भेजे हैं। शिष्टमंडल के लिए कांग्रेस ने भी अपने चार सांसदों के नाम आगे बढ़ाए हैं। इनमें असम से सांसद गौरव गोगोई का नाम भी है लेकिन इस नाम पर राज्य के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने एतराज जताया है। सरमा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से गोगोई को शिष्टमंडल में शामिल न करने की अपील की है। असम के सीएम ने शनिवार को कहा कि यह संवेदनशील एवं रणनीतिक मुद्दा है, इसलिए वह गोगोई का नाम वापस ले लें।
ऐसे व्यक्ति को शिष्टमंडल में शामिल न करें राहुल-सरमा
X पर अपने पोस्ट में हिमंता ने कहा, 'शिष्टमंडल के लिए कांग्रेस से 4 सासंदों का जो नाम सरकार के पास भेजा गया है, उसमें एक सांसद असम से भी है। असम के इस सांसद ने कथित रूप से दो सप्ताह से ज्यादा समय तक पाकिस्तान में ठहरने की बात से इंकार नहीं किया है, और विश्वसनीय दस्तावेज बताते हैं कि उसकी पत्नी भारत में काम करते हुए पाकिस्तान स्थित एक NGO से वेतन ले रही थी। इसलिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में, मैं लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से अपील करता हूं कि इस तरह के संवेदनशील और रणनीतिक काम में इस व्यक्ति को शामिल न करें।'
राकांपा-एसपी की सुप्रिया सुले शामिल
सरकार ने प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करने के लिए जिन नेताओं का चयन किया है, उनमें सत्तारूढ़ दलों से भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद व बैजयंत पांडा, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे और जनता दल (यूनाइटेड) के नेता संजय झा, विपक्षी दलों में कांग्रेस के शशि थरूर, द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) की कनिमोई, राकांपा-एसपी की सुप्रिया सुले शामिल हैं। संसदीय कार्य मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी एक बयान में कहा गया, ‘सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल हर तरह के आतंकवाद का मुकाबला करने की भारत की राष्ट्रीय सहमति और दृढ़ दृष्टिकोण को सामने रखेंगे। वे आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने के देश के मजबूत संदेश को दुनिया के सामने लेकर जाएंगे।’
‘इंडिया’ गठबंधन के तीन नेता शामिल
सरकार ने प्रतिनिधिमंडल के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के ऐसे नेताओं का सोच समझकर चयन किया है, जिन्हें मुखर माना जाता है। इन नेताओं में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के चार और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के तीन नेता शामिल हैं, जो सार्वजनिक जीवन में लंबे समय से सक्रिय रहने वाले वरिष्ठ सांसद हैं। विपक्ष ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भयावह आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत के मामले पर सरकार की कार्रवाई का समर्थन किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री थरूर ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के ठिकानों पर भारत के हमलों का बचाव और भारत-पाक संघर्ष पर सत्तारूढ़ गठबंधन के सख्त रुख का समर्थन किया है। संभावना है कि उन्हें अमेरिका जाने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व दिया जा सकता है।
‘सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में भारत एकजुट है'
मंत्रालय के बयान में कहा गया कि प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल में प्रतिष्ठित राजनयिक शामिल होंगे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में भारत एकजुट है। सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करेंगे। वे आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने के हमारे साझा संदेश को लेकर जाएंगे।’
