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Lalu Yadav Arrest Warrant: चुनाव से पहले जेल जाएंगे लालू यादव? ग्वालियर कोर्ट से जारी हुआ अरेस्ट वारंट, जानिए क्या है मामला

  • Edited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Apr 5, 2024, 10:53 PM IST

Lalu Yadav Arrest Warrant: लालू यादव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट साल 1995 और 1997 के आर्म्स एक्ट मामले में आया है। लालू यादव पर फॉर्म 16 के तहत हथियार सप्लाई करने का आरोप है।

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लालू यादव के खिलाफ वारंट जारी

Lalu Yadav Arrest Warrant: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हुआ है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका देते हुए ग्वालियर के एमपी/एमएलए अदालत ने शुक्रवार को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया और उन्हें आर्म्स एक्ट मामले में तलब भी किया।

क्या है लालू यादव के खिलाफ आर्म्स एक्ट केस?

लालू यादव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट साल 1995 और 1997 के आर्म्स एक्ट मामले में आया है। लालू यादव पर फॉर्म 16 के तहत हथियार सप्लाई करने का आरोप है। 23 अगस्त 1995 से 15 मई 1997 के बीच की अवधि के दौरान यहां से हथियार और कारतूस खरीदे गए थे। इस मामले में कुल आरोपियों की संख्या 23 है और उनमें से छह के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। दो आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि 14 फरार हैं।

सालों से मामले है लंबित

जांच के दौरान पुलिस को मामले में लालू प्रसाद यादव की संलिप्तता का पता चला. इसके बाद गहन अनुसंधान के बाद उन्हें 23 अन्य लोगों के साथ आरोपी के रूप में नामित किया गया है। लालू यादव को पहले भी पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन वो पेश नहीं हुए। जिसके कारण उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। पुलिस ने शुरू में मामले की जांच की थी और जुलाई 1998 में आरोप पत्र दायर किया था। तब से यह मामला कोर्ट में लंबित है।

जमानत पर बाहर हैं लालू

बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव को चारा घोटाले में पहले ही सजा हो चुकी है। इस मामले में लालू यादव को पांच साल की कैद और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। सजा के बाद लालू यावद दो महीने तक रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद रहे। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह बाहर आ गए।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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