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आरक्षण मुद्दे पर गुर्जर समुदाय की महापंचायत, सरकार को दिया अल्टीमेटम; पटरियां जाम कर ट्रेनें रोंकी

Rajasthan Mahapanchayat: राजस्थान के भरतपुर जिले में आरक्षण सहित विभिन्न मांगों को लेकर गुर्जर समाज की ‘महापंचायत’ समाप्त होने के कुछ घंटों बाद समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) ने बताया कि प्रदर्शनकारी रेल पटरियों पर एकत्र हुए और बयाना शहर के पास फतेहसिंहपुरा में 54794 मथुरा-सवाईमाधोपुर यात्री ट्रेन को रोक दिया।

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महापंचायत के बाद गुर्जर समुदाय का विरोध प्रदर्शन

Photo : ANI

Rajasthan Mahapanchayat: राजस्थान के भरतपुर जिले में रविवार को आरक्षण सहित विभिन्न मांगों को लेकर गुर्जर समाज की ‘महापंचायत’ समाप्त होने के कुछ घंटों बाद समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और एक यात्री ट्रेन को रोक दिया। अधिकारियों ने बताया कि बयाना के पीलूपुरा इलाके में कारबारी शहीद स्मारक पर आयोजित महापंचायत समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में लोग रेल पटरी पर इकट्ठा हुए और वहां से गुजरने वाली एक यात्री ट्रेन को रोक दिया।

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने आरक्षण से संबंधित मुद्दों सहित कई मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए इस महापंचायत का आयोजन किया था।

संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला ने महापंचायत के दौरान इन मांगों को लेकर राज्य सरकार की ओर से एक मसौदा जवाब समुदाय के सामने पढ़ा। समुदाय की मंजूरी के साथ महापंचायत समाप्त कर दी गई। हालांकि, महापंचायत समाप्त होने के बाद समुदाय के कुछ लोगों ने सरकार की प्रतिक्रिया पर असंतोष व्यक्त किया।

गुर्जर समुदाय का चक्का जाम

पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) ने बताया कि प्रदर्शनकारी रेल पटरियों पर एकत्र हुए और बयाना शहर के पास फतेहसिंहपुरा में 54794 मथुरा-सवाईमाधोपुर यात्री ट्रेन को रोक दिया। उन्होंने बताया, “ट्रेन डेढ़ घंटे से रुकी हुई है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF), स्थानीय पुलिस और रेलवे व प्रशासन के अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रहे हैं।”

वहीं विजय बैंसला ने कहा कि पूरा समुदाय मांगों पर सरकार के मसौदा जवाब से खुश है। विजय कई गुर्जर आंदोलन का नेतृत्व कर चुके दिवंगत किरोड़ी सिंह के बेटे हैं। उन्होंने कहा कि हो सकता है कुछ लोग पटरियों पर गए हो लेकिन वह इस बारे में ज्यादा नहीं बता सकते। बैंसला ने ‘पीटीआई’ से कहा, “राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि अति पिछड़े वर्ग (MBC) को दिए जाने वाले पांच प्रतिशत आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाएगा और राज्य मंत्रिमंडल इस संबंध में सिफारिश भेजेगा।”

क्या है गुर्जर समुदाय की मांग

नौवीं अनुसूची में संघ और राज्य कानूनों की सूची है, जिन्हें अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती। बैंसला ने कहा कि एक मांग यह भी थी कि गुर्जर आंदोलन के दौरान समाज के लोगों के खिलाफ दर्ज पुलिस मामलों का निपटारा करने के लिए हर जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाना चाहिए।

उन्होंने दावा किया, “सरकार इस पर सहमत हो गई है।” इससे पहले, समाज की ओर से सरकार को रविवार दोपहर तक जवाब देने का समय दिया था।

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने गुर्जर नेताओं से आंदोलन से बचने की अपील करते हुए कहा, “लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन, जब सरकार बिना किसी महापंचायत और आंदोलन के बात करने के लिए तैयार है तो महापंचायत क्यों?” उन्होंने व्यक्तिगत रूप से विजय बैंसला से भी अपील की।

बेढ़म ने कहा कि बैंसला भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सक्रिय नेता हैं और पार्टी नेताओं के साथ उनके करीबी संबंध हैं। मंत्री ने कहा, “उन्होंने (बैंसला) देवली-उनियारा सीट से चुनाव लड़ा और पार्टी की बैठकों में शामिल होते हैं। मैं उनसे बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने का आग्रह करता हूं।”

यातायात को किया गया डायवर्ट

महापंचायत के कारण बयाना (भरतपुर) और हिंडौन सिटी (करौली) के बीच यातायात की आवाजाही को परिवर्तित कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि वाहनों को पीलूपुरा इलाके से बचाकर कलसाड़ा होते हुए करौली और महवा (दौसा) के रास्ते भेजा गया। उन्होंने बताया कि इसी तरह, करौली से भरतपुर जाने वाले यातायात को बयाना-हिंडौन राज्य राजमार्ग के बजाय हिंडौन-कलसाड़ा-भुसावर के रास्ते भेजा गया।

कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। किरोड़ी बैंसला के नेतृत्व में गुर्जर समाज ने 2006 से आरक्षण मुद्दे को लेकर कई बार आंदोलन किया था और अनेक बार इलाके में रेल यातायात बाधित रहा था।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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